तिरुमला । दस दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शन के दौरान तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर 93 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालुओं ने संतोष व्यक्त किया है। यह जानकारी टीटीडी के अध्यक्ष (Chairman) बी.आर. नायडू ने वैकुंठ द्वार दर्शन (Vaikuntha Dwara Darshan) के सफल समापन के बाद तिरुमला स्थित अन्नमय्या भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
इस अवधि में हुंडी से 41.14 करोड़ रुपये की आय हुई
इस अवसर पर टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार सिंघल, अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी सी.एच. वेंकैया चौधरी, जिला कलेक्टर डॉ. वेंकटेश्वर तथा एसपी सुब्बारायुडु उपस्थित थे। अध्यक्ष ने बताया कि 30 दिसंबर से 8 जनवरी तक चले वैकुंठ द्वार दर्शन के दौरान कुल 7.83 लाख श्रद्धालुओं ने श्रीवारी दर्शन किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग एक लाख अधिक हैं। इस अवधि में हुंडी से 41.14 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि 44 लाख श्रीवारी लड्डुओं की बिक्री दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से एआई आधारित रियल-टाइम भीड़ प्रबंधन प्रणाली लागू की गई, जिससे बिना टोकन वाले श्रद्धालुओं को भी सुचारू और तेज़ दर्शन संभव हो सके। उन्होंने बताया कि दस दिनों में उपलब्ध 182 दर्शन घंटों में से 164 घंटे सामान्य श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखे गए, जिससे भक्तों में विशेष संतोष देखा गया।
33 लाख श्रद्धालुओं को अन्नप्रसादम वितरित : अनिल कुमार सिंघल
2 जनवरी को 83 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि 3 जनवरी को लगभग 89 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया। वैकुंठ द्वार दर्शन के दौरान 33 लाख श्रद्धालुओं को अन्नप्रसादम वितरित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 39 प्रतिशत अधिक है। टीटीडी ईओ अनिल कुमार सिंघल ने कहा कि इस बार न केवल तिरुमला बल्कि देशभर के टीटीडी से जुड़े मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वैकुंठ एकादशी के दिन इस बार 12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि पिछली बार यह संख्या सात लाख थी।
अधिक श्रद्धालुओं को सहज और आरामदायक दर्शन का अवसर मिला : वेंकैया चौधरी
अतिरिक्त ईओ सी.एच. वेंकैया चौधरी ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समय के प्रभावी उपयोग के कारण दर्शन अवधि बढ़ाई जा सकी, जिससे निर्धारित संख्या से अधिक श्रद्धालुओं को सहज और आरामदायक दर्शन का अवसर मिला। टीटीडी अध्यक्ष ने पुलिस विभाग, जिला प्रशासन, एपीएसआरटीसी, श्रीवारी सेवकों, विभिन्न विभागों और मीडिया के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से वैकुंठ द्वार दर्शन का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
टीटीडी क्या है?
यह एक स्वायत्त धार्मिक ट्रस्ट है, जो आंध्र प्रदेश सरकार के अंतर्गत कार्य करता है। टीटीडी का मुख्य कार्य तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) मंदिर और उससे जुड़े अन्य मंदिरों, तीर्थस्थलों, अनुष्ठानों तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का प्रबंधन और संचालन करना है।
संक्षेप में, टीटीडी तिरुमला–तिरुपति के मंदिर प्रशासन की सर्वोच्च संस्था है।
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