हर वर्ष 1 मई को विश्वभर में मजदूर दिवस मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का एक विशेष रूहानी महत्व भी है। मान्यता है कि शनि देव श्रमिकों और निर्धनों के रक्षक हैं। उनकी कृपा पाने के लिए श्रमिकों की सेवा करना सर्वोत्तम विधि में से एक माना गया है।
शनि देव क्यों हैं कार्मिक के देवता?
शनि देव न्याय के देवता माने जाते हैं। वे मेहनत और संघर्ष की कद्र करते हैं। जो व्यक्ति श्रमिकों के प्रति सहानुभूति और सेवा का भाव रखता है, उसे शनि की ढैय्या, साढ़ेसाती और अन्य दुःख से राहत मिलती है।

मजदूरों की सहायता से क्या लाभ होते हैं?
- आर्थिक लाभ: समय पर श्रमिकों को उनका मेहनताना देने से धन की कमी नहीं होती।
- करियर में उन्नति: नौकरी में प्रमोशन और नौकरी से जुड़ी कठिनाइयां से छुटकारा मिलता है।
- व्यापार में सफलता: मजदूरों का सम्मान करने से व्यापारिक संघर्ष समाप्त होते हैं और लाभ में वृद्धि होती है।
- न्यायिक मामलों में राहत: कोर्ट-कचहरी के समस्याएं में विजय प्राप्त होती है।

कौन से दिन और उपाय करने चाहिए?
- शनिवार को काले तिल, सरसों का तेल, उड़द दाल मजदूर को दान करें।
- अमावस्या और पूर्णिमा पर अन्न, वस्त्र, शिक्षा सामग्री और दवाइयां वितरित करें।
- मीठा भोजन श्रमिकों को करवाएं और विनम्रता से व्यवहार करें।
खास उपाय जो शनि देव को करते हैं प्रसन्न
- किसी मजदूर के विवाह में यथाशक्ति सहायता करें।
- श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई में सहायता करें।
- मजदूरों के घर मेडिकल सुविधाएं पहुंचाएं।