सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रगति का नया रोडमैप
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई(AI) समिट में स्पष्ट किया कि एआई तकनीक को रहस्यमयी ‘ब्लैक बॉक्स’ के बजाय पारदर्शी ‘ग्लास बॉक्स’ की तरह व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने डीपफेक(Deepfake) और भ्रामक जानकारी से निपटने के लिए एआई कंटेंट पर ऑथेंटिसिटी लेबल (प्रमाणिकता टैग) लगाने का सुझाव दिया। पीएम का मानना है कि जब तक एआई के सुरक्षा नियम और एल्गोरिदम स्पष्ट नहीं होंगे, तब तक कंपनियों की जवाबदेही तय करना मुश्किल होगा। इसके साथ ही उन्होंने मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए ‘पेपर क्लिप प्रॉब्लम’ जैसी तकनीकी खामियों से बचने की चेतावनी दी।
रोजगार और निवेश: मुकेश अंबानी का ‘इंटेलिजेंस युग’ का विजन
रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी(Mukesh Ambani) ने समिट में एक सकारात्मक दृष्टिकोण पेश करते हुए कहा कि एआई नौकरियों को खत्म करने के बजाय उच्च-कौशल वाले नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने घोषणा की कि रिलायंस भारत(AI) में ‘इंटेलिजेंस युग’ की नींव रखने के लिए 10 लाख करोड़ रुपए का भारी-भरकम निवेश करेगी। अंबानी के अनुसार, यह तकनीक भारत की कार्यक्षमता को बढ़ाएगी और देश को ग्लोबल एआई हब बनाने में मदद करेगी।
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इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल साउथ: भारत की बढ़ती डिजिटल ताकत
भारत(AI) अपनी एआई क्षमताओं को तेजी से बढ़ा रहा है, जिसका प्रमाण अगले 6 महीनों में 24,000 नए GPUs को जोड़ना है। पीएम मोदी ने जोर दिया कि एआई का उपयोग केवल मुनाफे के लिए नहीं बल्कि मानवता की सेवा और डिजिटल डिवाइड को खत्म करने के लिए होना चाहिए। उन्होंने यूपीआई और कोविन जैसे सफल प्लेटफॉर्म्स का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की एआई तकनीक ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) के लिए भी सुलभ और मददगार साबित होगी।
प्रधानमंत्री ने एआई कंटेंट पर ‘लेबल’ लगाने की बात क्यों कही?
प्रधानमंत्री ने डीपफेक(AI) और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए एआई कंटेंट पर लेबल लगाने का सुझाव दिया। इससे आम यूजर्स को यह पहचानने में आसानी होगी कि कौन सा कंटेंट असली है और कौन सा एआई द्वारा जनरेट किया गया है, जिससे डिजिटल दुनिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
मुकेश अंबानी ने एआई और नौकरियों के संबंध में क्या दावा किया है?
मुकेश अंबानी का मानना है कि एआई नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि यह ‘हाई-स्किल’ (उच्च कौशल) वाले काम के नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने इसे भारत के लिए एक नए ‘इंटेलिजेंस युग’ की शुरुआत बताया है जिसमें तकनीक इंसानों की पूरक बनेगी।
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