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Breaking News: Airtel: एजीआर पर एयरटेल भी मांगेगी राहत

Author Icon By Dhanarekha
Updated: November 5, 2025 • 8:33 AM
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वोडाफोन के बाद एयरटेल की नई पहल

नई दिल्ली: वोडाफोन-आइडिया(Vodafone-Idea) को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू मामले में सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) से राहत मिलने के बाद अब भारती एयरटेल(Bharti Airtel) ने भी बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। कंपनी सरकार से एजीआर बकाए का पुनर्मूल्यांकन और मिलान करने की मांग करने जा रही है। एयरटेल का कहना है कि 2019 के फैसले में कई गणनात्मक गलतियां हुई थीं, जिन्हें अब सुधारा जाना चाहिए

सरकार से दोबारा संपर्क करेगी एयरटेल

सरकार के अनुसार, 31 मार्च तक एयरटेल(Airtel) पर कुल 48,103 करोड़ रुपये का एजीआर बकाया था, जो ब्याज जुड़ने से और बढ़ गया है। वहीं जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था, उस समय यह राशि 44,000 करोड़ रुपये थी, जबकि कंपनी का दावा था कि वास्तविक बकाया सिर्फ 13,000 करोड़ रुपये का है।

एयरटेल अब तक 18,000 करोड़ रुपये चुका चुकी है, जिसमें 5,000 करोड़ रुपये की एड-हॉक राशि भी शामिल है। कंपनी चाहती है कि बकाए की सही गणना कराई जाए, ताकि भुगतान में पारदर्शिता लाई जा सके।

गोपाल विट्टल ने दी जानकारी

भारती एयरटेल(Airtel) के वाइस चेयरमैन और एमडी गोपाल विट्टल ने कहा कि 2019 का एजीआर निर्णय टेलीकॉम उद्योग के लिए एक बड़ा झटका था। उन्होंने कहा कि यह निराशाजनक था कि गलत गणनाओं को भी स्वीकार नहीं किया गया। अब जब कोर्ट ने बकाया के मिलान की अनुमति दी है, तो कंपनी पहले सरकार से संपर्क करेगी और आगे की रणनीति तय करेगी।

विट्टल ने बताया कि कंपनी आने वाले दिनों में औपचारिक रूप से सरकार को अपना प्रस्ताव सौंपेगी। इसके बाद बकाया राशि की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी मार्ग भी अपनाया जा सकता है।

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वोडाफोन आइडिया को मिली बड़ी राहत

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन आइडिया को एजीआर बकाए पर राहत दी थी। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह नकदी संकट से जूझ रही इस कंपनी के लिए 83,400 करोड़ रुपये का एक विशेष पैकेज तैयार करे।

इसके बाद एयरटेल भी इसी तरह की राहत की मांग कर रही है। कंपनी का कहना है कि अगर सरकार ने समानता के आधार पर राहत दी, तो पूरे टेलीकॉम सेक्टर को स्थिरता मिलेगी। विश्लेषक कॉल के दौरान विट्टल ने यह भी बताया कि एयरटेल ने इंडस टावर्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति मांगी है, लेकिन डेटा सेंटर यूनिट नेक्स्ट्रा को उसमें विलय करने की कोई योजना नहीं है।

एजीआर मामला क्या है?

एजीआर यानी एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू एक ऐसा नियम है, जिसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को अपनी कुल आय पर सरकार को शुल्क देना होता है। विवाद इस बात पर है कि इसमें कौन-कौन से राजस्व स्रोत शामिल किए जाएं।

क्या एयरटेल को भी राहत मिलेगी?

फिलहाल सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एयरटेल को भी वोडाफोन जैसी राहत मिली, तो उद्योग में प्रतिस्पर्धा और निवेश दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है।

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