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American Trade: अमेरिकी व्यापार नीति में हलचल

Author Icon By Dhanarekha
Updated: March 12, 2026 • 3:51 PM
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भारत समेत 16 देशों पर ‘सेक्शन 301’ के तहत जांच की तलवार

वाशिंगटन: ‘सेक्शन 301’ अमेरिका(American Trade) के 1974 के ट्रेड एक्ट का एक अत्यंत शक्तिशाली हिस्सा है, जो अमेरिका को उन देशों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की अनुमति देता है जो ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ करते हैं। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने स्पष्ट किया है कि यह जांच विशेष रूप से उन देशों(Countries) पर केंद्रित है जो अपनी खपत से कहीं अधिक उत्पादन कर रहे हैं और सस्ते माल को अमेरिकी बाजार में ‘डंप’ कर रहे हैं

भारत और वैश्विक व्यापार पर संकट के बादल

भारत सहित चीन, यूरोपीय संघ, मैक्सिको(Mexico) और वियतनाम जैसे 16 प्रमुख ट्रेडिंग पार्टनर इस जांच के दायरे में हैं। अमेरिका का मुख्य तर्क यह है कि अन्य देश सब्सिडी और अनैतिक तरीकों से अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता(American Trade) बढ़ा रहे हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो रहा है। यदि जांच में अनुचित व्यापार के सबूत मिलते हैं, तो इन देशों के सामानों पर भारी टैरिफ (आयात शुल्क) लगाया जा सकता है, जो एक्सपोर्ट-इंपोर्ट से जुड़े व्यवसायों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

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जबरन श्रम पर भी सख्त नजर

इस जांच का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा ‘जबरन श्रम’ से जुड़े सामानों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। अमेरिका पहले ही उइगर फोर्स्ड लेबर प्रोटेक्शन एक्ट(American Trade) के तहत चीन पर कार्रवाई कर चुका है, और अब इस नीति का विस्तार अन्य देशों तक किया जा सकता है। ट्रम्प प्रशासन अपनी मैन्युफैक्चरिंग को बचाने और व्यापार घाटे को कम करने के लिए जुलाई से पहले ही सख्त टैरिफ प्रस्ताव लागू करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहा है।

‘सेक्शन 301’ के तहत अमेरिका किन देशों की जांच कर रहा है?

अमेरिका ने भारत, चीन, यूरोपीय संघ (EU), जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, वियतनाम, ताइवान, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे समेत कुल 16 देशों के खिलाफ जांच शुरू की है।

डंपिंग से अमेरिका को क्या समस्या है और इसका फैक्ट्री के उदाहरण से क्या अर्थ है?

डंपिंग का अर्थ है कि कोई देश अपनी सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाकर अपनी आवश्यकता से अधिक माल बनाता है और उसे दूसरे देशों के बाजारों में बहुत कम कीमत पर बेचता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई फैक्ट्री सब्सिडी के सहारे 100 जूते बनाए और जरूरत सिर्फ 20 की हो, तो बाकी 80 जूते बहुत सस्ती दरों पर बेचने से दूसरे देशों की स्थानीय कंपनियों को नुकसान होता है, जिससे अमेरिका अपनी घरेलू इंडस्ट्री को बचाने के लिए जवाबी टैरिफ लगाता है।

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