टैक्स में बड़ी राहत और रेलवे के कायाकल्प की तैयारी
नई दिल्ली: आगामी केंद्रीय बजट(Budget) में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। सरकार नई टैक्स रिजीम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने पर विचार कर रही है, जिससे ₹13 लाख तक की सालाना आय पूरी तरह टैक्स-फ्री हो सकती है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य लोगों के हाथों में अधिक पैसा छोड़ना है ताकि बाजार में खरीदारी की शक्ति (Purchasing Power) बढ़े और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिले।
किसानों और सौर ऊर्जा के लिए प्रोत्साहन
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए पीएम-किसान सम्मान निधि(Budget) की सालाना राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 की जा सकती है। इसके साथ ही, ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत 2 KW के सोलर पैनल पर सब्सिडी(Subsidy) को ₹80,000 तक बढ़ाया जा सकता है। यह न केवल आम परिवारों को मुफ्त बिजली प्रदान करेगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर कमाई का जरिया भी बनेगा। सरकार का लक्ष्य 2027 तक 1 करोड़ घरों को सोलर ग्रिड से जोड़ने का है।
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बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार
रेलवे सेक्टर में 2030 तक वेटिंग लिस्ट खत्म करने के संकल्प के साथ 300 से ज्यादा नई अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा(Budget) संभव है। वहीं, सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाकर 60 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को इसके दायरे में लाया जा सकता है। वर्तमान में यह सीमा 70 साल है। इसके साथ ही ₹5 लाख के मुफ्त इलाज की लिमिट को भी बढ़ाया जा सकता है, ताकि कैंसर और हार्ट सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों का खर्च कवर हो सके।
नई टैक्स रिजीम में बदलाव से मिडिल क्लास को क्या फायदा होगा?
यदि स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹1 लाख होता है, तो ₹13 लाख तक की आय पर कोई टैक्स(Budget) नहीं लगेगा। इससे सैलरीड क्लास के हाथ में महीने की कुछ हजार रुपए की अतिरिक्त बचत होगी, जिसे वे निवेश या अन्य खर्चों में इस्तेमाल कर सकेंगे।
आयुष्मान भारत योजना का दायरा 60 साल करने के पीछे क्या कारण है?
रिपोर्टों के अनुसार, भारत में 60+ उम्र के करीब 82% बुजुर्गों के पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है। 60 से 70 साल के बीच के बुजुर्गों को गंभीर बीमारियों के समय आर्थिक सुरक्षा देने के लिए सरकार इस आयु सीमा को घटा सकती है।
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