EPFO: EPFO में अटका 90,000 करोड़

By Dhanarekha | Updated: August 5, 2025 • 7:26 PM

सिस्टम की खामियों पर संजीव सान्याल का बड़ा खुलासा

भारत डिजिटल युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सरकारी ढांचे की पुरानी और जटिल प्रक्रियाएं अब भी आम लोगों के लिए बाधा बनी हुई हैं। इसी मुद्दे पर वरिष्ठ अर्थशास्त्री संजीव(Sanjeev) सान्याल ने सवाल उठाए हैंपुराने सरकारी तरीके आज भी लोगों को उनकी बचत तक पहुंचने में मुश्किल पैदा कर रहे हैं। वहीं, कई सिस्टम को डिजिटल बताया जा रहा है। ईपीएफओ(EPFO) में फंसी 90,000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की रकम इसी का नतीजा है।

पुराना सिस्टम, नई परेशानी


सान्याल ने कहा कि देश में भले ही सेवाएं ऑनलाइन हो रही हैं, लेकिन प्रक्रियाएं अब भी वैसी ही उलझी हुई हैं जैसी दशकों पहले थीं। यह ही कारण है कि लोग अपनी मेहनत की कमाई तक नहीं निकाल पा रहे हैं।

ईपीएफओ में फंसा पैसा


उन्होंने ‘ग्रोइंग इंडिया’ पॉडकास्ट में बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में 90,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अटकी हुई है। कारण है पैसा निकालने की बेहद कठिन प्रक्रिया।

कदम दर कदम मुश्किलें


अपना ही पैसा निकालने के लिए 25 अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ता है, जिससे लोग बीच में ही रुक जाते हैं। इस जटिलता के कारण प्रक्रिया अपूर्ण रह जाती है।

दलालों की एंट्री


इस स्थिति का फायदा उठाते हुए कुछ दलाल सक्रिय हो गए हैं। वे लोगों से उनके पैसे निकालने के बदले 20% तक कमीशन वसूलते हैं और एक अलग अनौपचारिक व्यवस्था बना चुके हैं।

सिर्फ तकनीक नहीं, सुधार भी जरूरी


सान्याल का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म काफी नहीं हैं। जब तक पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी नहीं बनेगी, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।

नकली डिजिटलीकरण की हकीकत


सान्याल ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने सिर्फ पारंपरिक प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ला दिया है, लेकिन वास्तविक सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पुराने कागजी कामकाज को ऑनलाइन कर देने से समस्या हल नहीं होती। जब तक प्रक्रियाओं को पूरी तरह से दोबारा नहीं डिजाइन किया जाएगा, तब तक आम आदमी को राहत नहीं मिल पाएगी।

ईपीएफओ में पैसे क्यों फंसे हैं?
प्रक्रिया जटिल होने से लोग पैसा निकाल नहीं पा रहे।

दलाल किस तरह से फायदा उठा रहे हैं?
वे मदद के बदले लोगों से मोटा कमीशन वसूलते हैं।

समाधान के लिए क्या जरूरी है?
प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाना होगा।

अन्य पढ़े:RBI MPC: मौद्रिक नीति बैठक पर नजरें, क्या फिर घटेगा रेपो रेट?

# Paper Hindi News #Google News in Hindi #Hindi News Paper Business EPFO latestnews