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Gold Silver: सोना-चांदी: रिकॉर्ड तोड़ तेजी और निवेश का नया दौर

Author Icon By Dhanarekha
Updated: December 27, 2025 • 2:19 PM
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कीमतों में बेतहाशा वृद्धि और नया ऑल-टाइम हाई

नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में इस हफ्ते चांदी(Gold Silver) ने अपनी चमक से सबको चौंका दिया है। मात्र एक सप्ताह के भीतर चांदी की कीमत में ₹27,771 की भारी बढ़त देखी गई, जिससे इसका भाव ₹2.28 लाख प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर(Historical Level) पर पहुंच गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस साल चांदी ने निवेशकों को 165% का बंपर रिटर्न दिया है। वहीं, सोने ने भी अपनी रफ़्तार कायम रखी और ₹6,177 की साप्ताहिक बढ़त के साथ ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर को छू लिया है

तेजी के पीछे के वैश्विक और औद्योगिक कारण

कीमतों में इस उछाल(Bounce) के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक काम कर रहे हैं। सोने के मामले में, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती के कारण कमजोर होता डॉलर और रूस-यूक्रेन जैसे जियोपॉलिटिकल तनाव मुख्य वजह हैं, क्योंकि निवेशक सोने(Gold Silver) को सबसे सुरक्षित संपत्ति मानते हैं। दूसरी ओर, चांदी की मांग केवल आभूषणों तक सीमित नहीं रही है; सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स में इसके बढ़ते औद्योगिक उपयोग ने इसे एक अनिवार्य कच्चा माल बना दिया है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर सप्लाई की कमी की आशंका ने भी कीमतों में आग लगा दी है।

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भविष्य का अनुमान और खरीदारी की सावधानी

विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातुओं में यह तेजी अभी थमने वाली नहीं है। केडिया एडवाइजरी के अनुसार, साल 2026 तक चांदी ₹2.75 लाख और सोना(Gold Silver) ₹1.50 लाख के आंकड़े को पार कर सकता है। ऐसे में खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे केवल BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें और खरीदारी से पहले 24, 22 और 18 कैरेट के भावों की तुलना अवश्य करें। चूंकि IBJA के रेट्स में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए शोरूम की अंतिम कीमत अलग हो सकती है।

अलग-अलग शहरों में सोने और चांदी के भाव अलग क्यों होते हैं?

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी रेट्स में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का अपना मुनाफा (मार्जिन) शामिल नहीं होता है। इसके अलावा, स्थानीय मांग, परिवहन लागत और अलग-अलग राज्यों के टैक्स स्ट्रक्चर के कारण हर शहर में सोने-चांदी के भाव थोड़े भिन्न हो सकते हैं।

चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा उछाल (165%) क्यों देखा जा रहा है?

चांदी की कीमतों में अधिक उछाल का मुख्य कारण इसकी दोहरी मांग है। यह न केवल एक निवेश का विकल्प है, बल्कि मॉडर्न टेक्नोलॉजी जैसे सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल कमोडिटी भी बन गई है। सप्लाई कम होने और भविष्य में शॉर्टेज के डर से कंपनियां भारी मात्रा में चांदी का स्टॉक कर रही हैं, जिससे इसकी कीमतें सोने(Gold Silver) की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ी हैं।

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