₹1.59 लाख के पार पहुंचा गोल्ड, चांदी ₹2.66 लाख के करीब
नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 26 फरवरी 2026 को सोने(Gold) और चांदी की कीमतों में फिर से तेजी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव ₹35 बढ़कर ₹1,59,043 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं, औद्योगिक मांग में मजबूती के चलते चांदी की चमक भी बढ़ी है; एक किलो चांदी का भाव ₹233 की बढ़त के साथ ₹2,65,650 के स्तर पर जा पहुंचा है। यह तेजी वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की बढ़ती मांग को दर्शाती है।
2026 में कीमतों का ऐतिहासिक सफर
इस साल अब तक सोने(Gold) और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव(Ups-Downs) देखने को मिला है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोना ₹26,000 और चांदी ₹35,000 महंगी हो चुकी है। गौरतलब है कि 29 जनवरी 2026 को सोने ने ₹1.76 लाख और चांदी ने ₹3.86 लाख प्रति किलो का अपना ‘ऑल टाइम हाई’ स्तर छुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही सोने की खरीदारी (लगभग 950 टन का अनुमान) और गोल्ड ईटीएफ में बढ़ता निवेश कीमतों को और ऊपर ले जा रहा है।
अन्य पढ़े: अनिल अंबानी पर ED का शिकंजा
भविष्य का अनुमान और निवेश की सलाह
इन्वेस्टमेंट बैंकिंग दिग्गज UBS की रिपोर्ट के अनुसार, सोने की कीमतों में यह तेजी अभी रुकने वाली नहीं है। अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के मध्य तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना(Gold) 6,200 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है, जिससे भारतीय बाजारों में इसकी कीमत ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकती है। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें और खरीदारी से पहले 24, 22 और 18 कैरेट के भावों को आधिकारिक स्रोतों से क्रॉस-चेक जरूर करें।
क्या अभी सोना खरीदना सही समय है या कीमतों के गिरने का इंतजार करना चाहिए?
बाजार विशेषज्ञों और UBS जैसी संस्थाओं के अनुसार, 2026 में मांग बढ़ने के कारण कीमतें ₹1.80 लाख तक जा सकती हैं। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना(Gold) हमेशा सुरक्षित माना जाता है। खरीदारी से पहले कीमतों के ‘करेक्शन’ (हल्की गिरावट) पर नजर रखना समझदारी हो सकती है।
हॉलमार्क गोल्ड की पहचान कैसे करें और यह क्यों जरूरी है?
हॉलमार्क गोल्ड की पहचान उस पर लगे BIS लोगो और एक छह अंकों के अल्फान्यूमेरिक कोड (HUID) से होती है। यह कोड सोने की शुद्धता (कैरेट) की गारंटी देता है। बिना हॉलमार्क वाला सोना खरीदने पर आपको उसकी शुद्धता में कमी और भविष्य में उसे बेचते समय कम कीमत मिलने का जोखिम रहता है।
अन्य पढ़े: