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Gold: सोना-चांदी मार्केट अपडेट: ₹1.59 लाख के पार पहुंचा गोल्ड

Dhanarekha
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Gold: सोना-चांदी मार्केट अपडेट: ₹1.59 लाख के पार पहुंचा गोल्ड

निवेश में भारी उछाल

नई दिल्ली: आज यानी 27 फरवरी 2026 को सर्राफा बाजार(Gold) में बड़ी हलचल देखी गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,065 बढ़कर ₹1.59 लाख के स्तर पर पहुंच गई है। केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है, जो ₹7,233 महंगी होकर ₹2.61 लाख प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। इस साल अब तक सोने के दाम में ₹25,892 की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है

दामों में अचानक उछाल के पीछे के मुख्य कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में इस तेजी के पीछे चार प्रमुख वैश्विक और स्थानीय कारण हैं। पहला, MCX-NSE द्वारा एक्स्ट्रा मार्जिन हटाए जाने से ट्रेडिंग(Gold) सस्ती हो गई है। दूसरा, भू-राजनीतिक तनाव (अमेरिका-ईरान और रूस-यूक्रेन विवाद) के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को चुन रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के संकेत और पिछले दिनों आई गिरावट के बाद निवेशकों द्वारा की गई ‘बार्गेन बाइंग’ ने कीमतों को ऊपर की ओर धकेला है।

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भविष्य का अनुमान और खरीदारी की सलाह

दिग्गज इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की यह चमक अभी और बढ़ सकती है। अनुमान है कि 2026 के मध्य तक सोना(Gold) ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की भारी खरीदारी (लगभग 950 टन का अनुमान) इसकी कीमतों को सहारा दे रही है। हालांकि, विशेषज्ञों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क की जांच करें और ज्वेलर्स से मिलने वाले रेट को आधिकारिक वेबसाइटों से क्रॉस-चेक जरूर करें।

अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?

इसके मुख्य कारण ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा का खर्च, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन द्वारा तय किए गए रेट, राज्य के हिसाब से टैक्स और ज्वेलर्स के पास उपलब्ध पुराने स्टॉक की खरीद कीमत हैं।

घर पर असली चांदी की पहचान कैसे की जा सकती है?

असली चांदी की पहचान के लिए ‘आइस टेस्ट’ (बर्फ का तेजी से पिघलना), ‘मैग्नेट टेस्ट’ (चुंबक से न चिपकना), ‘स्मेल टेस्ट’ (कोई गंध न होना) और ‘क्लॉथ टेस्ट’ (सफेद कपड़े पर रगड़ने से काला निशान पड़ना) जैसे तरीके अपनाए जा सकते हैं।

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