जंग के बीच क्यों फीकी पड़ रही है कीमती धातुओं की चमक?
तेहरान: ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच सर्राफा बाजार में अप्रत्याशित गिरावट देखी जा रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना(Gold-Silver) अब 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जो जनवरी के अपने उच्चतम स्तर से 31 हजार रुपये कम है। चांदी की स्थिति और भी गंभीर है; यह अपने ₹3.86 लाख के रिकॉर्ड स्तर से फिसलकर ₹2.25 लाख प्रति किलो पर आ गई है। पिछले 34 दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में क्रमशः ₹13,590 और ₹42,040 की कमी आई है।
गिरावट की मुख्य वजह: कैश की होड़ और प्रॉफिट बुकिंग
आमतौर पर युद्ध के समय निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानकर इसमें पैसा लगाते हैं, जिससे दाम बढ़ते हैं। लेकिन इस बार निवेशक ‘कैश’ (Liquidity) को प्राथमिकता दे रहे हैं। अनिश्चितता के माहौल में लोग सोना-चांदी(Gold-Silver) बेचकर नकदी इकट्ठा कर रहे हैं। इसके अलावा, जनवरी में हुई भारी तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने ‘प्रॉफिट बुकिंग’ शुरू कर दी है, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई है और कीमतें नीचे आ रही हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने भी इन धातुओं की मांग कम कर दी है।
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खरीदारी में सावधानी: हॉलमार्क और शुद्धता की पहचान जरूरी
कीमतों में गिरावट को देखते हुए विशेषज्ञ फिलहाल नए निवेश से बचने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि, जो लोग आभूषण खरीदना चाहते हैं, उन्हें BIS हॉलमार्क (जैसे AZ4524 कोड) वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही लेना चाहिए। चांदी खरीदते समय ‘मैग्नेट टेस्ट’ (चुंबक से न चिपकना) और ‘आइस टेस्ट’ (बर्फ का तेजी से पिघलना) जैसे आसान तरीकों से उसकी शुद्धता जांची जा सकती है। हमेशा खरीदारी से पहले IBJA की वेबसाइट पर उस दिन के रेट जरूर क्रॉस-चेक करें।
आम तौर पर युद्ध के समय सोने के दाम बढ़ते हैं, तो इस बार गिरावट क्यों आ रही है?
इस बार गिरावट का मुख्य कारण निवेशकों का ‘कैश’ पर बढ़ता भरोसा है। युद्ध की अनिश्चितता के कारण लोग लिक्विडिटी (नकदी) बनाए रखना चाहते हैं, इसलिए वे सोना बेच रहे हैं। साथ ही, ऊंचे दामों पर हुई प्रॉफिट बुकिंग भी गिरावट की बड़ी वजह है।
असली चांदी की पहचान घर पर कैसे की जा सकती है?
असली चांदी की पहचान के लिए आप मैग्नेट टेस्ट कर सकते हैं (चांदी चुंबक की ओर नहीं खिंचती)। इसके अलावा, चांदी के सिक्के पर बर्फ का टुकड़ा रखने पर वह बहुत तेजी से पिघलता है, क्योंकि चांदी ऊष्मा (heat) की बेहतरीन सुचालक होती है।
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