पहली बार 96.18 तक पहुंचा भारतीय रुपया
मुंबई : भारतीय मुद्रा बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 96.18 के स्तर तक गिर गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने रुपये पर दबाव बढ़ाया।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
2% बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा क्रूड ऑयल- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर (Dollar) प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की चिंता बढ़ गई है। तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर असर पड़ सकता है।
तेल महंगा होने के मुख्य कारण
- मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
- वैश्विक सप्लाई चेन में बाधाएं
- तेल उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती
- डॉलर की मजबूती
भारतीय रुपए में आज रिकॉर्ड गिरावट है। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 20 पैसे कमजोर होकर खुला है। पहली बार ये 96.18 पर पहुंच गया। इस बीच कच्चा तेल एक बार फिर 2% बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
वहीं, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी के कारण आज सोमवार 18 मई को शेयर बाजार में गिरावट है। सेंसेक्स 1000 अंक (1.34%) गिरकर 74,200 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी 300 अंक (1.32%) नीचे है, ये 23,300 के करीब आ गया है।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस
सपोर्ट जोन: 23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,780 | 22,558
सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है।
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एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 7617 | 109 | 1.45% |
| निक्केई (जापान) | 60828 | -553 | -0.92% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25586 | -377 | -1.49% |
अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को गिरावट रही
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 49526 | -537 | -1.07% |
| नैस्डैक | 26225 | -410 | -1.54% |
| S&P 500 | 7409 | -93 | -1.24% |
विदेशी निवेशकों ने 30 दिन में 55 हजार करोड़ के शेयर बेचे
| कैटेगरी | लेटेस्ट | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
| DII | -1,959 | 12,585 | 61,285 |
| FII/FPI | 1,329 | -5,146 | -55,567 |
नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं।
टेक्निकल फैक्टर्स
सेंसेक्स
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि सेंसेक्स अभी 75,200 से 75,300 के जोन के आसपास है। यह दिखाता है कि लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितता और बाजार के उतार-चढ़ाव वाले माहौल के बीच बाजार धीरे-धीरे और संभलकर रिकवरी करने की कोशिश कर रहा है।
बाजार के लिए तुरंत का रेजिस्टेंस 75,600 से 76,000 के दायरे में है, जबकि मजबूत सपोर्ट 74,500 से 74,200 के जोन के आसपास दिख रहा है। बाजार अब किसी भी तरफ एक बड़ा ब्रेकआउट (दायरा तोड़ना) देगा, तभी आगे के लिए बाजार की असली चाल तय होगी।
निफ्टी 50
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि अगर बाजार ऊपर की तरफ जाता है, तो इसके लिए इमिडिएट रेजिस्टेंस 24,000 और 24,250 पर रहेगा। वहीं अगर बाजार नीचे गिरता है, तो इसे 23,250 और 23,000 पर सपोर्ट मिल सकता है।
अगर निफ्टी 23,000 का स्तर तोड़ता है, तो बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है। बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे अनुशासन में रहें और इस उतार-चढ़ाव के बीच सख्त स्टॉप-लॉस स्ट्रैटेजी (नुकसान से बचने का नियम) का पालन करें।
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