वैश्विक तनाव और महंगाई की चिंताओं से बाजार गर्म
नई दिल्ली: मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी बढ़त दर्ज की गई। कॉमेक्स (Comex) पर सोना 4,618 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी में 3.7% का जबरदस्त उछाल(Massive Surge) देखा गया, जिससे इसकी कीमतें 73.2 डॉलर प्रति औंस तक जा पहुंचीं। हालांकि यह महीना सोने के लिए पिछले 17 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा था, लेकिन हालिया तनाव ने कीमतों को एक बार फिर ऊपर की ओर धकेल दिया है।
कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण और ‘डिप बाइंग’
सर्राफा बाजार में आई इस अचानक तेजी के पीछे मुख्य रूप से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया (Middle East) का संघर्ष है। ऊर्जा की बढ़ती लागत ने वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, बाजार में ‘डिप बाइंग’ (Dip Buying) का रुझान भी देखा जा रहा है; निवेशक कीमतों में आई पिछली गिरावट का फायदा उठाकर भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों को मजबूत सहारा मिल रहा है।
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फेडरल रिजर्व का रुख और भविष्य के संकेत
बढ़ती महंगाई के कारण यह संभावना मजबूत हो रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें उच्च स्तर पर बनाए रख सकता है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने फिलहाल ‘इंतजार और निगरानी’ (Wait and Watch) की नीति अपनाने के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक अस्थिरता और ऊर्जा संकट बना रहेगा, तब तक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की मांग में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में मंगलवार को सोने और चांदी की ताज़ा कीमतें क्या रहीं?
मंगलवार को कॉमेक्स पर सोना करीब 1.25% बढ़कर 4,618 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, वहीं चांदी 3.7% की छलांग लगाकर 73.2 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
कीमतों में इस उछाल के पीछे ‘डिप बाइंग’ के अलावा अन्य कौन से प्रमुख कारण हैं?
मुख्य कारणों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ती महंगाई की चिंता और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुई वैश्विक अस्थिरता शामिल है।
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