Income Tax: नया इनकम टैक्स एक्ट 2025

By Dhanarekha | Updated: January 20, 2026 • 2:43 PM

अब ‘असेसमेंट ईयर’ का झंझट खत्म, 1 अप्रैल 2026 से बदलेगा सिस्टम

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए इनकम टैक्स(Income Tax) एक्ट 2025 का सबसे क्रांतिकारी बदलाव ‘टैक्स ईयर’ का कॉन्सेप्ट है। वर्तमान में लागू 1961 के कानून में, जिस साल आप कमाई करते हैं उसे ‘फाइनेंशियल ईयर’ और जिस साल टैक्स भरते हैं उसे ‘असेसमेंट ईयर’ कहा जाता है। इस दोहरी शब्दावली के कारण आम करदाताओं(Tax Payers) में हमेशा भ्रम बना रहता था। 1 अप्रैल 2026 से, कमाई और टैक्स रिपोर्टिंग का साल एक ही होगा, जिससे सिस्टम अधिक पारदर्शी और समझने में आसान हो जाएगा

ITR फाइलिंग और कम्युनिकेश में सुगमता

नए कानून के लागू होने के बाद, इनकम टैक्स विभाग से होने वाले सभी पत्राचार, नोटिस और असेसमेंट डॉक्यूमेंट्स में केवल ‘टैक्स ईयर’ का उल्लेख होगा। इसका सीधा असर ITR फॉर्म्स की भाषा पर पड़ेगा, जो अब पहले से कहीं अधिक यूजर-फ्रेंडली होंगे। हालांकि टैक्स(Income Tax) स्लैब या दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन प्रक्रियात्मक सरलीकरण से टैक्स कंप्लायंस (नियमों का पालन) बढ़ेगा। नए करदाताओं के लिए यह बदलाव विशेष रूप से राहत भरा होगा क्योंकि उन्हें अब दो अलग-अलग वर्षों के बीच तालमेल बिठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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लागू होने की समयसीमा और प्रभाव

यह नया कानून 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। इसका मुख्य प्रभाव टैक्स ईयर 2026-27 की फाइलिंग से स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम टैक्स व्यवस्था को आधुनिक बनाने और वैश्विक मानकों(Income Tax) के अनुरूप ढालने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। ‘पिछले साल की कमाई, अगले साल हिसाब’ की पुरानी परंपरा को खत्म कर सरकार ने “रियल-टाइम” असेसमेंट की नींव रखी है, जिससे टैक्स विवादों में भी कमी आने की संभावना है।

‘असेसमेंट ईयर’ हटने से एक आम टैक्सपेयर को क्या फायदा होगा?

सबसे बड़ा फायदा कन्फ्यूजन का खत्म होना है। उदाहरण के लिए, यदि आपने 2026 में पैसे कमाए हैं, तो आप उसे ‘टैक्स ईयर 2026’ के तहत ही रिपोर्ट करेंगे। अब आपको यह याद रखने की जरूरत नहीं होगी कि 2026 की कमाई का असेसमेंट ईयर 2027-28 होगा। इससे ITR भरते समय होने वाली तकनीकी गलतियां कम होंगी।

क्या नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के आने से टैक्स की दरों में भी बदलाव होगा?

नहीं, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य टैक्स(Income Tax) प्रक्रिया और शब्दावली को सरल बनाना है। टैक्स रेट्स या स्लैब में बदलाव बजट के माध्यम से तय किए जाते हैं। नए एक्ट में मुख्य रूप से ‘प्रोसेस’ और ‘टर्मिनोलॉजी’ (शब्दावली) को सुधारा गया है ताकि टैक्स फाइलिंग को आसान बनाया जा सके।

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