ईरान तनाव के बीच देश में एक महीने का क्रूड ऑयल स्टॉक सुरक्षित
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण दुनिया(Indian Oil) का सबसे संवेदनशील समुद्री जलमार्ग ‘हॉर्मुज रूट’ बंद है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की भारी किल्लत देखी जा रही है। इस रूट के बाधित होने से भारत की 50% एनर्जी और खाड़ी देशों से आने वाली 90% एलपीजी (LPG) सप्लाई प्रभावित हुई है। इस बड़े संकट के बावजूद देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने देशवासियों को राहत दी है। कंपनी के पास एक महीने से भी अधिक का क्रूड ऑयल स्टॉक सुरक्षित है। खाड़ी देशों से गैस की किल्लत को दूर करने के लिए IOCL ने इंडोनेशिया, नाइजीरिया, अंगोला और ओमान जैसे देशों से तत्काल एलपीजी की खरीद (स्पॉट प्रोक्योरमेंट) शुरू कर दी है, जिससे घरेलू बाजार में कोई कमी नहीं होगी।
मुनाफे में बंपर उछाल और शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा
सप्लाई चेन की चुनौतियों के बीच इंडियन ऑयल ने वित्तीय मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 81% की भारी बढ़त के साथ ₹15,176.08 करोड़ पर पहुंच गया है, जो कि पिछले साल की समान तिमाही में ₹8,367.63 करोड़ था। इस बेहतरीन नतीजे से खुश होकर कंपनी के बोर्ड ने अपने शेयरधारकों के लिए 12.5% के फाइनल डिविडेंड (लाभांश) की सिफारिश की है। इसके तहत आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की मंजूरी के बाद निवेशकों को ₹10 की फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर पर ₹1.25 का डिविडेंड दिया जाएगा।
क्षमता विस्तार के लिए ₹32,700 करोड़ का मेगा प्लान
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए IOCL इस चालू वित्त वर्ष (2026-27) में ₹32,700 करोड़ का भारी-भरकम पूंजीगत खर्च (Capex) करने जा रही है। कंपनी अपनी प्रमुख रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाने पर तेजी से काम कर रही है। इसके तहत पानीपत रिफाइनरी की क्षमता को 15 MMTPA से बढ़ाकर 25 MMTPA, गुजरात रिफाइनरी को 13.7 MMTPA से बढ़ाकर 18 MMTPA और बरौनी रिफाइनरी की क्षमता को 6 MMTPA से बढ़ाकर 9 MMTPA किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य है कि ये सभी विस्तार प्रोजेक्ट्स दिसंबर 2026 की तय समयसीमा तक पूरे कर लिए जाएं।
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हॉर्मुज जलमार्ग के बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या असर पड़ रहा है और IOCL इसकी भरपाई कैसे कर रही है?
हॉर्मुज रूट बंद होने से भारत की 50% एनर्जी सप्लाई और खाड़ी देशों से आने वाली 90% एलपीजी (LPG) सप्लाई बाधित हुई है। इसकी भरपाई के लिए इंडियन ऑयल ने अपने आयात के सोर्स बदल दिए हैं और अब वह खाड़ी देशों के बजाय इंडोनेशिया, नाइजीरिया, अंगोला और ओमान जैसे देशों से तत्काल गैस खरीदकर देश में सप्लाई बनाए रख रही है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) अपनी रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाने के लिए क्या कदम उठा रही है और इसके लिए क्या बजट है?
IOCL चालू वित्त वर्ष में रिफाइनरियों के विस्तार पर ₹32,700 करोड़ का पूंजीगत खर्च (Capex) करेगी। कंपनी पानीपत, गुजरात और बरौनी रिफाइनरियों की क्षमता में बड़ा इजाफा कर रही है और इन सभी प्रोजेक्ट्स को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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