Inflation: महंगाई की दोहरी मार

By Dhanarekha | Updated: March 13, 2026 • 2:58 PM

खाने-पीने की चीजों और सोने-चांदी की कीमतों में उछाल

नई दिल्ली: फरवरी महीने में आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ा है, क्योंकि खुदरा महंगाई(Inflation) दर (CPI) बढ़कर 3.21% पर पहुँच गई है, जो जनवरी में 2.74% थी। सांख्यिकी मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, खाद्य महंगाई (फूड इंफ्लेशन) में भी तेज उछाल आया है और यह 2.13% से बढ़कर 3.47% हो गई है। यह बदलाव मुख्य रूप से बेस ईयर 2024 की नई सीरीज पर आधारित है। विशेष रूप से टमाटर और गोभी जैसी सब्जियों के दामों में 40% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है

पर्सनल केयर और सोने-चांदी का प्रभाव

महंगाई बढ़ने(Inflation) की एक बड़ी वजह ‘पर्सनल केयर’ सेगमेंट में आई 19.6% की भारी बढ़त है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और ईरान युद्ध के तनाव के कारण सोने, चांदी और डायमंड ज्वेलरी के भाव लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा असर रिटेल इंफ्लेशन पर पड़ रहा है। शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर (3.37%) थोड़ी अधिक रही है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव का संकेत है।

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भविष्य की चुनौतियाँ और तेल का संकट

आर्थिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी रहती हैं, तो आने वाले वित्त वर्ष में महंगाई 5% के स्तर को भी पार कर सकती है। चाय, मोमोज और घरेलू गैस सिलेंडर जैसे रोजमर्रा के खर्चों में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अनुमान है कि RBI अपनी अगली बैठक में ब्याज दरों (Policy Rates) में कोई बदलाव नहीं करेगा।

फरवरी में किन प्रमुख चीजों के दामों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई?

फरवरी में मुख्य रूप से सोना, चांदी, डायमंड ज्वेलरी के साथ-साथ सब्जियों में टमाटर (45.29% की वृद्धि) और गोभी (43.77% की वृद्धि) के दाम सबसे ज्यादा बढ़े। इसके अलावा LPG की कमी से घरेलू सिलेंडर और बाहर खाने-पीने की चीजों के भाव भी बढ़े हैं।

कच्चे तेल की कीमतों का महंगाई पर क्या असर पड़ सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर क्रूड ऑयल का औसत सालाना भाव 100 डॉलर प्रति बैरल या उससे ज्यादा रहता है, तो वित्त वर्ष 2027 में कुल महंगाई दर 5% से अधिक हो सकती है, जिससे परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ जाएगी।

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