भारत में LPG खपत में 17% की भारी गिरावट
नई दिल्ली: मार्च के पहले सप्ताह में देश भर में घरेलू रसोई गैस (Iran) की खपत में 17% की कमी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल के 1.387 मिलियन टन के मुकाबले इस बार केवल 1.147 मिलियन टन LPG की खपत हुई। इसके विपरीत, पेट्रोल(Petrol) और डीजल की मांग में क्रमशः 13.2% और 8.2% का उछाल देखा गया है। खपत में यह गिरावट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने के कारण आई है, जहाँ से भारत अपनी जरूरत का 80-85% LPG आयात करता है।
महंगाई की मार और कमर्शियल सिलेंडर का असर
कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत और बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब पर सीधा असर डाला है। ‘लोकलसर्कल्स’ के एक सर्वे के मुताबिक, लागत बढ़ने (Iran) के कारण देश के 57% रेस्टोरेंट्स और 54% स्ट्रीट वेंडर्स ने पिछले एक हफ्ते में अपने खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ा दिए हैं। कुछ जगहों पर कीमतों में 10-25% तक की बढ़ोतरी देखी गई है। सर्वे से यह स्पष्ट होता है कि ईंधन की ऊंची लागत का बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है, जिससे आम आदमी का मासिक बजट बिगड़ गया है।
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सरकार की कार्रवाई और वैकल्पिक समाधान
LPG की किल्लत और कालाबाजारी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक 12,000 से ज्यादा छापे मारे हैं और 15,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं। आपूर्ति को सामान्य (Iran) करने के लिए सरकार ने ‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ जैसे बड़े जहाजों के जरिए करीब 92,500 मीट्रिक टन LPG का आयात सुनिश्चित किया है। इसके अलावा, सरकार शहरी क्षेत्रों में होटलों और कमर्शियल उपभोक्ताओं को PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि पारंपरिक सिलेंडर की मांग और दबाव को कम किया जा सके।
भारत में LPG की आपूर्ति पर ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के तनाव का इतना गहरा असर क्यों पड़ता है?
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और अपनी जरूरत का 60% से ज्यादा हिस्सा बाहर से मंगाता है। इसमें से लगभग 80-85% आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से होता है, इसलिए वहां युद्ध या तनाव की स्थिति सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करती है।
कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए सरकार सिलेंडर के विकल्प के रूप में किसे बढ़ावा दे रही है?
सरकार LPG सिलेंडर पर निर्भरता कम करने के लिए होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और राज्यों को गैस पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।
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