ఐటీ స్టాక్స్‌లో ‘ఏఐ’ ప్రకంపనలు.. కుప్పకూలిన ఇన్ఫోసిస్, టీసీఎస్ షేర్లు మళ్లీ పెరిగిన బంగారం ధరలు, ఇవాళ రేట్లు చూసారా చిల్లర కష్టాలకు చెక్: ఏటీఎంల నుంచి ఇకపై రూ.10, రూ.20 నోట్లు! ఆధార్ యూజర్లకు గుడ్ న్యూస్ భారీగా పెరిగిన బంగారం ధరలు ఖాదీ మహోత్సవంలో రికార్డు సేల్స్ యూజర్లకు జియో శుభవార్త RBI మరోసారి వడ్డీ రేట్లు తగ్గించే ఛాన్స్ నష్టాల బాటలో దేశీయ స్టాక్ మార్కెట్లు చారిత్రాత్మక కార్ల రికార్డు బ్యాంక్ ఖాతాలు క్లోజ్! పెరిగిన గ్యాస్ సిలిండర్ ధరలు ఐటీ స్టాక్స్‌లో ‘ఏఐ’ ప్రకంపనలు.. కుప్పకూలిన ఇన్ఫోసిస్, టీసీఎస్ షేర్లు మళ్లీ పెరిగిన బంగారం ధరలు, ఇవాళ రేట్లు చూసారా చిల్లర కష్టాలకు చెక్: ఏటీఎంల నుంచి ఇకపై రూ.10, రూ.20 నోట్లు! ఆధార్ యూజర్లకు గుడ్ న్యూస్ భారీగా పెరిగిన బంగారం ధరలు ఖాదీ మహోత్సవంలో రికార్డు సేల్స్ యూజర్లకు జియో శుభవార్త RBI మరోసారి వడ్డీ రేట్లు తగ్గించే ఛాన్స్ నష్టాల బాటలో దేశీయ స్టాక్ మార్కెట్లు చారిత్రాత్మక కార్ల రికార్డు బ్యాంక్ ఖాతాలు క్లోజ్! పెరిగిన గ్యాస్ సిలిండర్ ధరలు

IRDAI: बीमा क्लेम नियमों में बड़ा बदलाव

Author Icon By Dhanarekha
Updated: May 26, 2026 • 12:14 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

ग्राहकों को मिलेगा सही हिसाब

नई दिल्ली: भारतीय बीमा नियामक आईआरडीएआई(IRDAI) ने नॉन-लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के क्लेम सेटलमेंट नियमों में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत सभी कंपनियों को क्लेम की एक समान परिभाषा अपनानी होगी ताकि ग्राहकों को सही और पारदर्शी जानकारी मिल सके। इससे बीमा कंपनियों द्वारा दिखाए जाने वाले क्लेम रिकॉर्ड की वास्तविकता भी सामने आएगी

अलग-अलग तरीकों से बढ़ी उलझन

नई दिल्ली(New Delhi) में बीमा(Insurance) क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अभी कंपनियां अपने हिसाब से क्लेम दर्ज करती हैं। कुछ कंपनियां जानकारी मिलते ही क्लेम मान लेती हैं, जबकि कुछ पहले जांच करती हैं कि भुगतान बनता है या नहीं। इसके अलावा कई कंपनियां अधूरे दस्तावेज या पॉलिसी शर्तों के आधार पर बंद किए गए मामलों को भी ‘सेटल्ड’ दिखा देती हैं, जिससे रिकॉर्ड बेहतर नजर आता है।

अन्य पढ़े: Gold: सोना-चांदी कीमतों में बड़ी गिरावट

ग्राहकों की संतुष्टि पर रहेगा जोर

पूर्व आईआरडीएआई(IRDAI) सदस्य के. के. श्रीनिवासन ने कहा कि किसी दावे को तभी निपटाया हुआ माना जाना चाहिए जब ग्राहक पूरी तरह संतुष्ट हो। वहीं अगर ग्राहक क्लेम रिजेक्ट होने के खिलाफ अदालत जाता है, तो अंतिम फैसला आने तक उसे लंबित माना जाना चाहिए। नई व्यवस्था का उद्देश्य यही है कि कंपनियां आंकड़ों में सुधार दिखाने के बजाय वास्तविक भुगतान और ग्राहक संतुष्टि पर ध्यान दें।

नई नीति से आम लोगों को क्या फायदा होगा?

नई परिभाषा लागू होने के बाद ग्राहकों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि कौन सी कंपनी वास्तव में दावे का भुगतान कर रही है। इससे बीमा लेते समय सही कंपनी चुनना आसान होगा और फर्जी रिकॉर्ड पर रोक लग सकेगी।

बीमा कंपनियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

सभी कंपनियों को क्लेम दर्ज करने और निपटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लानी होगी। हालांकि इससे उन कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है जो अब तक अलग-अलग तरीकों से अपने क्लेम सेटलमेंट रेशियो को बेहतर दिखाती रही हैं।

अन्य पढ़े:

#Breaking News in Hindi #BusinessNews #ClaimSettlement #ConsumerProtection #FinanceUpdate #Google News in Hindi #Hindi News Paper #InsuranceRules #IRDAI

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.