सरकार जुटा सकती है बड़ा फंड
नई दिल्ली: सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी(LIC) में केंद्र सरकार अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार करीब दो फीसदी शेयरों(shares) की बिक्री के जरिए लगभग 10 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। नई दिल्ली(New Delhi) में इस प्रक्रिया को लेकर वित्त मंत्रालय और निवेश विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस खबर के बाद शेयर बाजार में एलआईसी के शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
जून-जुलाई में हो सकती है बिक्री
रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बिक्री की प्रक्रिया जून के अंत या जुलाई 2026 की शुरुआत में शुरू हो सकती है। यह हिस्सेदारी मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों को ऑफर की जाएगी। वहीं इस ट्रांजेक्शन के प्रबंधन के लिए गोल्डमैन सैक्स, मोतीलाल ओसवाल, बीएनपी पारिबा और आईआईएफएल कैपिटल जैसी कंपनियों की मदद ली जा रही है। सरकार का उद्देश्य एलआईसी में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ पूंजी जुटाना भी बताया जा रहा है।
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पहले भी हुआ था बड़ा विनिवेश
भारत सरकार ने मई 2022 में एलआईसी(LIC) का ऐतिहासिक आईपीओ लॉन्च किया था, जिसमें 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेची गई थी। उस समय सरकार को करीब 21 हजार करोड़ रुपये मिले थे और यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बना था। हालांकि मौजूदा समय में सरकार के पास अभी भी 96.5 फीसदी हिस्सेदारी मौजूद है। सेबी के नियमों के अनुसार कंपनी को 2032 तक न्यूनतम 25 फीसदी सार्वजनिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करनी होगी।
इस फैसले का निवेशकों पर क्या असर पड़ सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि हिस्सेदारी बिक्री की खबर से शेयर में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। लेकिन लंबे समय में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ने से शेयर में तरलता और निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है।
एलआईसी के शेयरों में अभी क्या स्थिति है?
बुधवार के कारोबार में एलआईसी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। दिन के दौरान शेयर 855 रुपये के आसपास खुला और बाद में करीब 831 रुपये तक फिसल गया, जिससे बाजार में हलचल बढ़ गई।
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