Coal India: केंद्र सरकार ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के जरिए कोल इंडिया में अपनी 2% हिस्सेदारी बेचने जा रही है, जिससे बाजार में कंपनी के शेयरों में गिरावट देखी गई। आइए इस पूरी खबर को मुख्य बिंदुओं और विस्तृत विश्लेषण के साथ समझते हैं।
< 2% हिस्सेदारी की बिक्री: सरकार OFS के माध्यम से कुल 2% (1% बेस ऑफर + 1% ओवरसब्सक्रिप्शन) हिस्सेदारी बेच रही है।
< ₹5,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य: इस विनिवेश प्रक्रिया के जरिए सरकार का लक्ष्य करीब 5,000 करोड़ रुपए जुटाना है।
< फ्लोर प्राइस: सरकार ने इस बिक्री के लिए ₹412 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है।
< रिटेल निवेशकों के लिए तारीख: गैर-रिटेल (नॉन-रिटेल) निवेशक 27 मई को और रिटेल निवेशक 29 मई को बोली लगा सकेंगे।
शानदार तिमाही नतीजे: मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा 11% बढ़कर ₹10,908 करोड़ रहा और ₹5.25 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया गया है। सरकार द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) की घोषणा के बाद 27 मई को कोल इंडिया के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। खबर आते ही शेयर 5% टूटकर ₹428 पर आ गए, हालांकि बाद में निचले स्तरों से रिकवरी हुई और यह ₹446 पर बंद हुआ। इस गिरावट की मुख्य वजह सरकार द्वारा तय किया गया फ्लोर प्राइस है। सरकार ने ₹412 का फ्लोर प्राइस रखा है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से करीब 11.2% कम है। प्रमोटर द्वारा मौजूदा बाजार भाव से कम कीमत पर शेयर बेचने के कारण बाजार में शॉर्ट-टर्म सुधार (कौन्शियस करेक्शन) देखने को मिला है।
Coal India: ओएफएस (OFS) का टाइमलाइन और शेयरों की संख्या
इस हिस्सेदारी बिक्री के तहत सरकार शुरुआत में 6.16 करोड़ शेयर बाजार में उतार रही है। यदि निवेशकों की तरफ से मांग अधिक होती है (ओवरसब्सक्रिप्शन), तो अतिरिक्त 6.16 करोड़ शेयर और बेचे जाएंगे। समय-सारणी की बात करें तो 27 मई का दिन केवल बड़े और संस्थागत (नॉन-रिटेल) निवेशकों के लिए आरक्षित था। आम जनता यानी रिटेल निवेशक 29 मई को इस डिस्काउंटेड प्राइस पर शेयरों के लिए अपनी बोली लगा सकेंगे। OFS को शेयर बेचने का एक बेहद पारदर्शी और तेज तरीका माना जाता है।
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मजबूत वित्तीय सेहत और ब्रोकरेज का भरोसा
भले ही शॉर्ट-टर्म में शेयरों में गिरावट आई हो, लेकिन कोल इंडिया की वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत नजर आ रही है। मार्च तिमाही (Q4) में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 11% बढ़कर ₹10,908 करोड़ रुपए रहा है, वहीं इसका EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 39% हो गया है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹5.25 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड की भी सिफारिश की है। मजबूत फंडामेंटल्स को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म इलारा कैपिटल ने इस पर ‘अक्युमुलेट’ (खरीदारी) की रेटिंग दी है और भविष्य का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹522 कर दिया है।
कोल इंडिया के शेयर में अचानक 5% की गिरावट क्यों आई?
सरकार ने कोल इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए ₹412 प्रति शेयर का ‘फ्लोर प्राइस’ तय किया है, जो कि इसके पिछले बंद भाव से लगभग 11.2% कम था। बाजार में उपलब्ध कीमत से कम पर नया ऑफर आने के कारण शेयरों में तात्कालिक रूप से 5% तक की गिरावट दर्ज की गई।
आम (रिटेल) निवेशक इस ऑफर फॉर सेल (OFS) में कब और कैसे भाग ले सकते हैं?
रिटेल निवेशक 29 मई को कोल इंडिया के इस OFS में बोली लगा सकते हैं। निवेशक अपने ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए ब्रोकर की मदद से इस तय समय सीमा में डिस्काउंटेड प्राइस पर शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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