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Breaking News: LIC: LIC का अडाणी ग्रुप में ₹33000 करोड़ निवेश विवाद

Dhanarekha
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Breaking News: LIC: LIC का अडाणी ग्रुप में ₹33000 करोड़ निवेश विवाद

कांग्रेस ने PAC जांच की मांग की

नई दिल्ली: भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) पर अडाणी ग्रुप में लगभग 33,000 करोड़ रुपए (3.9 अरब डॉलर) का बड़ा निवेश करने का आरोप लगा है। कांग्रेस पार्टी ने अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि LIC ने 2025 की शुरुआत में यह निवेश अडाणी ग्रुप को फायदा पहुँचाने के लिए किया था, जब ग्रुप भारी कर्ज में डूबा था और घूसखोरी के आरोपों का सामना कर रहा था। कांग्रेस का आरोप है कि यह 30 करोड़ पॉलिसीधारकों की मेहनत की कमाई का गलत इस्तेमाल है। इस गंभीर आरोप को देखते हुए, कांग्रेस ने संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) से इसकी जांच की मांग की है। हालांकि, LIC ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से गलत बताया है और दावा किया है कि उसके सभी निवेश ईमानदारी और सावधानी से किए जाते हैं

जयराम रमेश के गंभीर आरोप: ‘यह घोटाला बहुत बड़ा’

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस मामले को एक बड़े घोटाले का हिस्सा बताया है, जिसमें कई तरह की धांधलियाँ शामिल हैं। उनके मुख्य आरोपों में शामिल हैं:

सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग: ED, CBI और इनकम टैक्स विभाग जैसी सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल करके अन्य निजी कंपनियों पर दबाव डाला गया, ताकि वे अपनी संपत्ति अडाणी ग्रुप को सस्ते में बेच दें।

संपत्तियों का गलत निजीकरण: देश के हवाई अड्डे और बंदरगाह जैसी ज़रूरी सार्वजनिक संपत्तियाँ सिर्फ अडाणी ग्रुप को फायदा पहुँचाने के लिए धांधली के साथ बेची गईं।

कोयले की महंगाई और मनी लॉन्ड्रिंग: अडाणी ग्रुप ने शैल कंपनियों के ज़रिए महँगा कोयला आयात किया, जिसे रमेश ने मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क बताया। इससे गुजरात के पावर प्लांट से बिजली की कीमतें बढ़ गईं।

विदेशी सौदों में मदद: भारत की कूटनीति का उपयोग करके बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में अडाणी को कॉन्टैक्ट दिलवाए गए।

अडाणी ग्रुप पर पहले भी लग चुके हैं दो बड़े विवाद

हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोप: जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक रिपोर्ट जारी कर अडाणी ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग और शेयर मैनिपुलेशन जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस रिपोर्ट के बाद ग्रुप के शेयरों का मार्केट वैल्यू करीब 1 लाख करोड़ रुपए तक गिर गया था, जिसके चलते उन्हें 20,000 करोड़ का पब्लिक ऑफर कैंसिल करना पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी।

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कोयले की हेराफेरी का आरोप: इसी साल फाइनेंशियल टाइम्स ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अडाणी ग्रुप ने इंडोनेशियाई कंपनी से ‘लो-ग्रेड’ कोयला सस्ती कीमत पर खरीदा और उसे बिल में हेराफेरी करके तमिलनाडु की एक सरकारी कंपनी (TANGEDCO) को उच्च गुणवत्ता वाले कोयले के रूप में कई गुना ज़्यादा कीमत पर बेच दिया।

कांग्रेस ने LIC के अडाणी ग्रुप में निवेश के मामले की जाँच के लिए किस संस्था से मांग की है?

कांग्रेस ने संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) से भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के अडाणी ग्रुप में किए गए निवेश के आरोपों की जांच की मांग की है।

LIC ने अडाणी ग्रुप में निवेश से जुड़ी अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

LIC ने वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट को गलत बताया है। कंपनी ने साफ किया है कि उसके सभी निवेश ईमानदारी और सावधानीपूर्वक जांच के साथ किए जाते हैं, और रिपोर्ट LIC की मजबूत फैसला लेने की प्रक्रिया और अच्छी इमेज को खराब करने के उद्देश्य से जारी की गई है।

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