टेक्नोलॉजी का महाकुंभ: भारत मंडपम में भविष्य की झलक
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का औपचारिक उद्घाटन किया। 20 फरवरी तक चलने वाले इस मेगा इवेंट(Mega Event) में दुनिया भर की 300 से ज्यादा कंपनियां अपने एडवांस एआई गैजेट्स और सॉल्यूशंस का प्रदर्शन कर रही हैं। समिट की थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ रखी गई है, जो इस बात पर जोर देती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग पूरी मानवता की भलाई और तरक्की के लिए किया जाए। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने विभिन्न स्टार्टअप्स के पवेलियंस का दौरा कर उनके नवाचारों को करीब से समझा।
विशेषज्ञों की राय: नौकरियां खत्म नहीं, काम का तरीका बदलेगा
समिट में शामिल हुए दिग्गज विशेषज्ञों ने एआई को लेकर फैले डर को दूर करने का प्रयास किया। इंफो एज के संजीव(PM Modi) बिखचंदानी और माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के पुनीत चंडोक ने स्पष्ट किया कि एआई नौकरियां छीनने के बजाय उत्पादकता (Productivity) को बढ़ाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई किसी भी काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर उसे आसान बना देगा। हालाँकि, विनीत नायर (HCL के पूर्व सीईओ) ने आगाह किया कि जहाँ एआई 50% मौजूदा नौकरियों को प्रभावित करेगा, वहीं यह 50% नए और आधुनिक रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
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आम जनता के लिए आकर्षण: स्मार्ट खेती से लेकर एआई ट्यूटर तक
70,000 वर्ग मीटर में फैले इस एक्सपो में आम लोगों के लिए बहुत कुछ खास है। एक्सपीरिएंस(PM Modi) ज़ोन में लोग एआई पावर्ड मशीनों का खुद अनुभव कर सकते हैं। खेती के लिए ऐसे मॉडल दिखाए जा रहे हैं जो फसलों की बीमारियों को पहचान सकें, वहीं सेहत के क्षेत्र में स्मार्ट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम आकर्षण का केंद्र हैं। छात्रों के लिए ‘YUVAi’ जैसे प्रोग्राम पेश किए जा रहे हैं, जो उन्हें एआई टूल्स के जरिए करियर संवारने में मदद करेंगे। इस समिट में सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और मुकेश अंबानी जैसे 40 से ज्यादा ग्लोबल टेक लीडर्स हिस्सा ले रहे हैं।
‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ की मुख्य थीम क्या है और यह क्या संदेश देती है?
इस समिट की थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ (सबका भला और सबकी खुशी) है। यह संदेश देती है कि एआई तकनीक का उपयोग(PM Modi) केवल मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के उत्थान और मानवीय समस्याओं के समाधान के लिए किया जाना चाहिए।
एआई का खेती और स्वास्थ्य क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
एआई मॉडल्स के जरिए खेती में फसलों की बीमारियों की सटीक पहचान और मिट्टी की गुणवत्ता की जांच आसान होगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में, यह डॉक्टरों को बेहतर इलाज करने, बीमारियों का जल्दी पता लगाने और स्मार्ट मॉनिटरिंग के जरिए मरीजों की देखभाल करने में मदद करेगा।
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