मुंबई। बॉलीवुड में काम के घंटों को लेकर बहस तेज हो गई है। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) द्वारा आठ घंटे की शिफ्ट की मांग के बाद इंडस्ट्री (Industry) में अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। खास बात यह है कि इस मुद्दे पर उनके पति रणवीर सिंह की सोच उनसे बिल्कुल अलग नजर आती है।
आठ घंटे की शिफ्ट की मांग
मां बनने के बाद दीपिका पादुकोण ने फिल्मों में आठ घंटे की शिफ्ट को अनिवार्य करने की बात कही। उनका मानना है कि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ एक बेहतर कार्य संस्कृति के लिए जरूरी है।
कंगना रनौत ने किया समर्थन
दीपिका की इस मांग को कंगना रनौत का भी समर्थन मिला। इससे साफ है कि इंडस्ट्री में कई कलाकार लंबे वर्किंग आवर्स को लेकर चिंतित हैं और बदलाव की जरूरत महसूस कर रहे हैं।
रणवीर सिंह की अलग सोच
वहीं रणवीर सिंह काम को लेकर बिल्कुल अलग नजरिया रखते हैं। उनके लिए काम जुनून और प्रतिबद्धता का विषय है, जिसमें घंटों की सीमा मायने नहीं रखती। वह मानते हैं कि रचनात्मक प्रक्रिया में समय की पाबंदी हमेशा संभव नहीं होती।
16-18 घंटे की शूटिंग का उदाहरण
निर्देशक आदित्य धर ने खुलासा किया था कि फिल्म ‘धुरंधर’ की शूटिंग के दौरान रणवीर सिंह समेत पूरी टीम ने लगातार 16-18 घंटे काम किया। इस दौरान रणवीर ने बिना किसी शिकायत के काम जारी रखा, जो उनकी कार्यशैली को दर्शाता है।
सह-कलाकारों को भी होती है परेशानी
रणवीर ने खुद एक इंटरव्यू में माना था कि उनके लंबे वर्किंग आवर्स के कारण सह-कलाकारों को भी परेशानी होती है। उन्होंने कहा था कि हिंदी सिनेमा में कई बार आठ घंटे में काम पूरा करना मुश्किल होता है, इसलिए जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाना पड़ता है।
इंडस्ट्री में बंटी राय
जहां कई कलाकार दीपिका के प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ फिल्ममेकर इसे अव्यावहारिक मानते हैं। संदीप रेड्डी वांगा और फराह खान जैसे निर्देशकों ने आठ घंटे की शिफ्ट के विचार का विरोध किया है।
अन्य पढ़े: IT सेक्टर में बड़ा झटका, 3 महीनों में 80 हजार छंटनी
बहस अभी जारी
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की अलग-अलग राय इस बात को दर्शाती है कि इंडस्ट्री में काम के तौर-तरीकों को लेकर एकमत नहीं है। यह बहस आने वाले समय में और तेज हो सकती है, क्योंकि इसमें कलाकारों के स्वास्थ्य और फिल्म निर्माण की व्यावहारिकता दोनों जुड़े हैं।
Read More :