नशा फिल्म रिव्यू: राजकुमार पात्रा की सिनेमा ‘नशा: जुर्म और गैंगस्टर’ एक ऐसी कहानी पेश करती है जो जुर्म, गैंगस्टर और ड्रग्स की अंधेरी दुनिया के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म की शुरुआत होती है जीत (रॉकी रूपकुमार पात्रा) से, जो एक उभरता हुआ गैंगस्टर है और अपने दोस्तों मुन्ना (फिरोज़ खान) और बासु (युधिष्ठिर पात्रा) के साथ मिलकर ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क संभालता है।
वहीं दूसरी ओर, कहानी में एक पॉवरफुल नेता साहिल प्रधान (Abhijit Acharya) और दूसरी गैंग से जुड़े जैकी सिंघानिया (Rajkumar Patra) की एंट्री कहानी को दिलचस्प बना देती है।
एक्टिंग और निर्देशन – अच्छी कोशिश लेकिन संसाधन सीमित
नशा फिल्म रिव्यू: राजकुमार पात्रा ने इस सिनेमा में निर्देशन के साथ-साथ अभिनय भी किया है। उनका गैंगस्टर अवतार जंचता है और उन्होंने अपने किरदार को बखूबी निभाया है। रॉकी रूपकुमार पात्रा ने भी जीत के किरदार में मजबूती दिखाई है।
हालांकि, फिल्म का बजट सीमित होने के कारण प्रोडक्शन क्वालिटी और सिनेमाटोग्राफी में वह प्रभाव नहीं दिखता, जो आज की बड़ी गैंगस्टर फिल्मों में देखने को मिलता है।

फिल्म की खास बातें और कमजोरियां
- कहानी दमदार है, जिसमें इमोशन, एक्शन और अपराध की झलक मिलती है।
- लो बजट के कारण सिनेमा का स्केल बड़ा नहीं दिखता।
- निर्देशन और अभिनय के स्तर पर ईमानदारी नजर आती है।
नशा फिल्म रिव्यू: क्या देखें ये मूवी?
अगर आप क्राइम और गैंगस्टर ड्रामा के शौकीन हैं और कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा देखना पसंद करते हैं, तो यह मूवी एक बार अवश्य देखी जा सकती है। हालांकि बड़े शहरों और पैन इंडिया दर्शकों के लिए इसकी निवेदन सीमित हो सकती है।