Anusuya Devi : अनुसूया देवी मंदिर में पूजा करने से भर जाती है महिलाओं की सूनी गोद

Author Icon By Surekha Bhosle
Updated: May 3, 2025 • 3:18 PM
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अनुसूया देवी मंदिर उत्तराखंड के चमोली जिले के गोपेश्वर में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. यह मंदिर देवी अनुसूया माता को समर्पित है, जो महर्षि अत्रि की पत्नी थीं. मान्यता है कि यहां आकर इस मंदिर में मां अनुसूया देवी के पूजन से महिलाओं की सूनी गोद भर जाती है।

माता अनुसूया की कथा

मान्यता है कि इस स्थान पर महर्षि अत्रि ने तपस्या की थी और उनकी पत्नी माता अनुसूया उनके साथ यहीं निवास करती थीं. माता अनुसूया की पतिव्रता धर्म और शक्ति की ख्याति तीनों लोकों में फैल गई थी. यह देखकर देवी पार्वती, लक्ष्मी और सरस्वती के मन में ईर्ष्या और क्रोध आ गया. वे देवी अनुसूया की सच्चाई और पवित्रता की परीक्षा लेना चाहती थीं. इसलिए उन्होंने अपने-अपने पतियों-भगवान शिव, विष्णु और महेश को देवी अनसूया की परीक्षा लेने भेजा।

तीनों देवता एक साधु के वेश में अनुसूया माता के आश्रम के द्वार पर पहुंचे और भोजन मांगने लगे. लेकिन उन्होंने एक शर्त रखी कि भोजन बिना वस्त्रों के परोसा जाए. यह सुनकर देवी अनुसूया चिंतित हो गईं, क्योंकि वे अतिथि का अपमान भी नहीं करना चाहती थीं और अपनी मर्यादा भी नहीं खोना चाहती थीं।

आखिरकार देवी अनुसूया ने आंखें बंद कीं और साधुओं के रूप में आए देवताओं को पहचान लिया. उन्होंने अपनी तपस्या और शक्ति से तीनों देवताओं को छोटे बच्चों में बदल दिया और फिर उन्हें गोद में लेकर बिना वस्त्रों के भोजन कराया।

आज भी होती हैं चमत्कार!

मंदिर के पुजारी के अनुसार, माता के दरबार में केवल संतान नहीं, बल्कि अन्य सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं. भक्त यहां सिर्फ एक मन्नत लेकर नहीं आते, बल्कि जीवन की कई परेशानियों से मुक्ति के लिए भी आते हैं।

कैसे पहुंचें अनसूया देवी मंदिर

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