Kailash Mansarovar : जल्द शुरू होगी मानसरोवर यात्रा, कैसे जाएं?

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मानसरोवर यात्रा
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 कैलाश मानसरोवर यात्रा एक पवित्र तीर्थ यात्रा है. हिंदू मान्यता के अनुसार, यह भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है. इसके पास स्थित मानसरोवर झील को ऐसा स्थान माना जाता है,

मानसरोवर का धार्मिक महत्व

कैलाश पर्वत को भगवान शिव का दिव्य निवास माना जाता है. इसकी सुंदरता और शांत वातावरण के लिए यह बहुत प्रसिद्ध है. यह पर्वत समुद्र तल से करीब 6,657 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसके दोनों ओर दो ऊंचाई वाले पवित्र झीलें हैं भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य निवास स्थान माना जाता है. कैलाश पर्वत करीब 3 करोड़ साल पहले बना था और यह पूरे कैलाश पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है.

परिक्रमा लगभग 53 किलोमीटर की होती है, जिसे पूरा करने में तीन दिन लगते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस यात्रा से पापों से मुक्ति मिलती है.

मानसरोवर का अर्थ और इसका इतिहास

यह माना जाता है कि भगवान कैलाश-मानसरोवर क्षेत्र में निवास और तपस्या करते हैं. इस जगह की विशेषता ही इसे बाकी जगहों से अलग बनाती है. शांत पानी और मजबूत पहाड़ों की तरह यह झील देवताओं के मन की तरह शांति और स्थिरता का प्रतीक है.

यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारियां

पूरी यात्रा में लगभग 22 दिन लगते हैं, जिसमें से 14 दिन भारत में और 8 दिन चीन (तिब्बत) के क्षेत्र में बिताए जाते हैं. यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण है.

  • यह यात्रा बहुत ऊंचाई और ठंडी जलवायु में होती है, जिसमें कड़ी मेहनत और साहस की ज़रूरत होती है.
  • यात्रा में 19,500 फीट तक की ऊंचाई पर ट्रेकिंग करनी होती है.
  • केवल शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति ही इस यात्रा के लिए पात्र होते हैं

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