Strawberry Moon 2025: आकाश प्रेमियों के लिए 11 जून 2025 की रात एक विशिष्ट अनुभव लेकर आएगी, जब स्ट्रॉबेरी मून का दीदार होगा। यह एकमात्र एक पूर्णिमा ही नहीं, बल्कि माइक्रो मून भी होगा। इसका मतलब है कि चंद्रमा पृथ्वी से अपनी कक्षा के सबसे दूर बिंदु पर होगा, जिससे यह सामान्य से थोड़ा छोटा और कम चमकदार दिखाई देगा।
स्ट्रॉबेरी मून क्यों कहलाता है?
इस चांद का नाम इसके रंग से नहीं, बल्कि नेटिव अमेरिकन जनजातियों की परंपरा से जुड़ा है। जब यह पूर्णिमा दिखाई देती थी, तब वे लोग स्ट्रॉबेरी की फसल काटना आरंभ करते थे। इस कारण इसे “Strawberry Moon” कहा गया।

दिखने का वक्त और स्थान
- यह अद्भुत नजारा 10 जून की शाम सूर्यास्त के तुरंत बाद देखा जा सकेगा।
- दक्षिण-पूर्वी क्षितिज पर यह चंद्रमा बड़ा और हल्का नारंगी या पीला दिख सकता है।
- टाइम एंड डेट डॉट कॉम के मुताबिक, अमेरिका के पूर्वी समयानुसार 11 जून सुबह 3:44 बजे यह पूर्ण दिखाई देगा।
- भारत समेत अन्य देशों में इसका वक्त थोड़ा अलग हो सकता है।
माइक्रो मून की खासियत
Strawberry Moon 2025: जब चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर होता है, तब वह माइक्रो मून कहलाता है। ऐसे में यह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में छोटा, हल्का और कम चमकदार होता है।