किसी इंसान को हर रोज़ कितना पानी पीना चाहिए यह उसकी उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि और अन्य कई बातों पर निर्भर करता है । वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारे शरीर में पानी की ज़रूरत कई चीज़ों पर निर्भर करती है. ज़रूरत के मुताबिक़ पानी न पीने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, लेकिन बहुत ज़्यादा पानी पीना भी जानलेवा हो सकता है.

हमारे शरीर के वज़न का क़रीब 60 फ़ीसदी पानी होता है. यह हमारी कोशिकाओं, शरीर के अंगों, शरीर में मौजूद रक्त और अन्य भागों में मौजूद होता है. बहुत ज़्यादा पानी पीना कितना ख़तरनाक हो सकता है? जपानी लगभग हर शारीरिक क्रिया में अहम भूमिका निभाता है. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, इसकी कुछ प्रमुख भूमिकाएँ इस तरह हैं- • पोषक तत्वों और ऑक्सीजन को कोशिकाओं तक पहुँचाना • मूत्राशय से बैक्टीरिया को बाहर निकालना • भोजन को पचाने में मदद करना • कब्ज़ न होने देना • ब्लड प्रेशर को नॉर्मल करना • जोड़ों को आराम देना • शरीर के अंगों की रक्षा करना • शरीर के तापमान को नियंत्रित करना और • इलेक्ट्रोलाइट (सोडियम) का संतुलन बनाए रखना .
ज़्यादा पानी पीना ख़तरनाक हो सकता है

कुछ लोगों को इससे हैरानी हो सकती है, लेकिन ज़्यादा पानी पीना ख़तरनाक हो सकता है और इसके परिणाम काफ़ी गंभीर हो सकते हैं. थोड़े समय में बहुत ज़्यादा पानी पीने से हाइपोनेट्रेमिया यानी जल का नशा भी हो सकता है. यह तब होता है जब आपके रक्त में सोडियम की मात्रा ख़तरनाक रूप से कम हो जाती है, जिससे शरीर की कोशिकाएँ सूज जाती हैं. हाइपोनेट्रेमिया के लक्षणों शामिल है- उबकाई आना और उल्टी होना सिरदर्द भ्रम होना ऊर्जा की कमी और थकान महसूस होना बेचैनी और चिड़चिड़ापन मांसपेशियों में कमज़ोरी या ऐंठन हो जाना दौरे पड़ना मामला बहुत गंभीर हो तो इंसान कोमा में पहुंच सकता है
85 साल की उम्र में एक लीटर जल की ज़रूरत
जब आप क़रीब 85 साल के हो जाते हैं, तो आपको वास्तव में रोज़ केवल एक लीटर जल की ज़रूरत होती है.” लेकिन किसी व्यक्ति को कितने पानी की ज़रूरत होती है, यह शरीर के वज़न, शारीरिक गतिविधि, आयु, लिंग और पर्यावरण की स्थिति जैसी कई बातों पर निर्भर करता है. अगर आप किसी ऐसी जगह पर रहते हैं जो गर्म और नम है, तो आपकी की ज़रूरत किसी ठंडे और शुष्क जगह पर रहने वाले इंसान की तुलना में काफ़ी ज़्यादा होगी.” प्यास शरीर का प्राकृतिक संकेत है जो बताता है कि शरीर को ज़्यादा जल की ज़रूरत है. पेशाब का रंग भी शरीर में जल की मौजूद मात्रा का अच्छा संकेत है. पेशाब का हल्का पीला रंग इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी है, जबकि इसका गहरा पीला रंग पानी की कमी का संकेत हो सकता है