दिल्ली के नरेला इलाके में 7 अगस्त 2025 को एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें 9 साल की दो नाबालिग बच्चियों के साथ स्विमिंग पूल में बलात्कार की घटना हुई। यह घटना उस समय हुई जब बच्चियां स्विमिंग क्लास के लिए गई थीं। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित बच्चियों की मां की शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों की पहचान:
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कुमार और मुनील कुमार के रूप में की है। अनिल कुमार बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है, जबकि मुनील कुमार उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले का निवासी है। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई:
दिल्ली पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। वैज्ञानिक और फोरेंसिक टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं, और तकनीकी व मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों को दक्षिण दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है ताकि सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।
दिल्ली में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों का बढ़ता ग्राफ:
यह घटना दिल्ली में नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की एक कड़ी है, जो चिंता का विषय बन रही है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में जून तक बलात्कार और पॉक्सो अपराधों के 1,040 मामले दर्ज किए गए थे, जो 2023 की समान अवधि में दर्ज 932 मामलों से अधिक हैं।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डेटा के अनुसार, 2022 में बच्चों के खिलाफ कुल 1,62,449 मामले दर्ज किए गए थे, जो प्रति घंटे औसतन 18 अपराधों के बराबर है। केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली नाबालिगों के खिलाफ अपराधों के मामले में सबसे आगे है, जहां 2022 में 7,118 मामले दर्ज किए गए थे।
सामाजिक और कानूनी चिंताएं, बढ़ते अपराध:
नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि, विशेष रूप से बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में, दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। स्विमिंग पूल जैसी जगह, जो बच्चों के लिए सुरक्षित मानी जाती है, वहां इस तरह की घटना ने समाज में आक्रोश पैदा किया है।
पॉक्सो एक्ट के तहत सजा: इस मामले में आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिसमें दोषी पाए जाने पर कठोर सजा का प्रावधान है। सुरक्षा पर सवाल: यह घटना दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा, खासकर सार्वजनिक स्थानों पर, को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। स्कूल, कोचिंग सेंटर, और स्विमिंग पूल जैसे स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
अन्य समान घटनाएं:
दिल्ली में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों की यह कोई पहली घटना नहीं है। हाल के वर्षों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं:
जून 2025: दिल्ली में 9 साल की एक बच्ची के साथ रेप और हत्या का मामला सामने आया, जिसमें शव एक सूटकेस में मिला।
मई 2018: स्वरूप नगर में 7 साल की बच्ची के साथ रेप की घटना। अगस्त 2015: ओखला में 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और शारीरिक हिंसा। ये घटनाएं दिल्ली में नाबालिगों की सुरक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी उपायों की आवश्यकता को दर्शाती हैं।
सामाजिक प्रतिक्रिया: इस घटना ने दिल्ली में जनता और सामाजिक संगठनों में आक्रोश पैदा किया है। सोशल मीडिया पर लोग बच्चों की सुरक्षा और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई संगठन और महिला आयोग इस तरह की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाने की बात कह रहे हैं।
नरेला की इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्विमिंग पूल जैसी जगहों पर भी बच्चों के साथ इस तरह की जघन्य घटनाएं समाज और प्रशासन के लिए खतरे की घंटी हैं।
दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालिक उपाय, जैसे सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल, जागरूकता अभियान, और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया, की जरूरत है।
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