भारतीय सेना का खुलासा
भारतीय सेना ने 20 मई 2025 को एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि स्वर्ण मंदिर के भीतर कोई एयर डिफेंस गन या अन्य सैन्य संसाधन तैनात नहीं किए गए थे। यह बयान पाकिस्तान द्वारा किए गए हमलों के बाद सेना की ओर से उठाए गए कदमों की स्पष्टता प्रदान करने के लिए था।
अमृतसर: पाकिस्तान में आतंक के खिलाफ भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में किसी तरह का बंदूक या एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती नहीं की गई थी। सेना ने ये खुलासा किया है। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि, स्वर्ण मंदिर में ए.डी. गन की तैनाती के संबंध में कुछ मीडिया रिपोर्ट प्रसारित हो रही हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि श्री दरबार साहिब अमृतसर (स्वर्ण मंदिर) के परिसर में कोई ए.डी. गन या कोई अन्य ए.डी. संसाधन तैनात नहीं किया गया था।
सेना ने कही ये बात
कहा जा रहा है कि पंजाब का स्वर्ण मंदिर पाकिस्तान के निशाने पर था। भारतीय सेना ने बताया कि पाकिस्तान ने हमले किये, लेकिन हमने स्वर्ण मंदिर पर कोई आंच नहीं आने दी। भारतीय सेना ने एक डेमो दिखाया कि कैसे आकाश मिसाइल प्रणाली सहित भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने अमृतसर में स्वर्ण मंदिर और पंजाब के शहरों को पाकिस्तानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाया था। पाकिस्तान ने स्वर्ण मंदिर पर ड्रोन से हमला किया था, लेकिन इस हमले को समय रहते नाकाम कर दिया गया था। सेना ने बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वर्ण मंदिर की सभी लाइट बंद कर दी गई थीं।
सेना के एक अधिकारी ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में सेना की तरफ से एयर डिफेंस गन लगाई गई थी। अब सेना ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था। स्वर्ण मंदिर प्रशासन ने भी इस दावे को खारिज किया।
इससे पहले गुरुद्वारा के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी और सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने कहा था कि भारतीय सेना को कोई भी एयर डिफेंस गन तैनात करने की अनुमति नहीं दी गई थी।
एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि प्रशासन ने उनसे भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़े तनाव के बाद ब्लैकआउट के दौरान केवल लाइटें बंद करने के बारे में संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने चल रही धार्मिक आचरण की पवित्रता को बनाए रखते हुए प्रशासनिक जिम्मेदारी के हित में पूरा सहयोग किया।