గుజరాత్‌పై ఢిల్లీ ఘనవిజయం.. ఫైనల్లో ఆర్సీబీతో ఢీ టీమిండియా ప్లేయింగ్ 11 ప్రకటించిన చాహల్ టీ20 వరల్డ్ కప్ లో పాల్గొంటున్న జట్లన్నీ ప్రమాదకరమైనవే: ధోనీ పాక్ డ్రామా’ క్రికెట్‌కు నష్టం, ఐపీఎల్‌కే లాభం లలిత్ మోదీ సంచలనం! టీ20 వరల్డ్ కప్ 2026 సాంగ్ వచ్చేసింది నేషనల్ కబడ్డీలో విజేతగా హర్యానా టీమిండియా ఘన విజయం బీసీసీఐతో గూగుల్ ఏఐ ఒప్పందం వరుసగా 6 మ్యాచులు గెలిచిన ఏకైక జట్టు విరాట్ కోహ్లీ సరికొత్త రికార్డు గుజరాత్‌పై ఢిల్లీ ఘనవిజయం.. ఫైనల్లో ఆర్సీబీతో ఢీ టీమిండియా ప్లేయింగ్ 11 ప్రకటించిన చాహల్ టీ20 వరల్డ్ కప్ లో పాల్గొంటున్న జట్లన్నీ ప్రమాదకరమైనవే: ధోనీ పాక్ డ్రామా’ క్రికెట్‌కు నష్టం, ఐపీఎల్‌కే లాభం లలిత్ మోదీ సంచలనం! టీ20 వరల్డ్ కప్ 2026 సాంగ్ వచ్చేసింది నేషనల్ కబడ్డీలో విజేతగా హర్యానా టీమిండియా ఘన విజయం బీసీసీఐతో గూగుల్ ఏఐ ఒప్పందం వరుసగా 6 మ్యాచులు గెలిచిన ఏకైక జట్టు విరాట్ కోహ్లీ సరికొత్త రికార్డు

‘पापा से डर बहुत लगता था’: एमएस धोनी

Author Icon By digital@vaartha.com
Updated: April 7, 2025 • 10:59 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి


एक नए पॉडकास्ट में महेंद्र सिंह धोनी ने अपने दिल के दरवाज़े खोल दिए। उन्होंने अपने बचपन की यादों से पर्दा हटाया, वो बचपन जो सादगी, अनुशासन और मासूमियत से भरा था। आज भी, जब वो आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए मैदान पर उतरते हैं, उनका वही बचपन का अनुशासन उनकी हर हरकत में झलकता है। शनिवार की शाम, जब चेपॉक स्टेडियम की भीड़ धोनी के हर शॉट पर झूम रही थी, स्टैंड्स में बैठकर उनके माता-पिता — पान सिंह और देवकी देवी — भी बेटे के जज़्बे को देख गर्व से भर उठे।

मुझे बस टीम को जीतते देखना है।

हालाँकि धोनी ने मैच में नाबाद 30 रन बनाए, फिर भी उनकी टीम को दिल्ली के हाथों 25 रन से हार झेलनी पड़ी। लेकिन शायद यही खेल की खूबसूरती है, और यही धोनी की सोच भी। पॉडकास्ट में उन्होंने बेबाकी से कहा कि चुनौतियाँ उन्हें लुभाती ज़रूर हैं, लेकिन वो उनके पीछे नहीं भागते।
उन्होंने मुस्कुराकर कहा, “अगर हम बिना किसी ड्रामा के मैच जीत लें, और मुझे बैटिंग का मौका भी न मिले, तब भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे बस टीम को जीतते देखना है। किसने रन बनाए, किसने विकेट लिए, यह मेरे लिए मायने नहीं रखता।”

साधारण जिंदगी थी बचपन में

बचपन की यादों में डूबते हुए धोनी ने बताया कि उनकी सुबह 5:30 बजे ही शुरू हो जाती थी। जिंदगी बहुत साधारण थी, लेकिन दिल से खुशहाल।


न्होंने कहा, “हमारे पास दिखावा करने के लिए कुछ नहीं था। मोबाइल फोन भी नहीं थे। जो था, वो सच्चा था। हमें असुरक्षित महसूस करने का कोई कारण ही नहीं था। हर दिन लगभग एक जैसा होता था, और शायद उसी में जीवन की सुंदरता छुपी थी।”

पापा से डरना तो जैसे बचपन का नियम

उन्होंने हँसते हुए याद किया कि पापा से डरना तो जैसे बचपन का नियम ही था।
“पापा बहुत सख्त थे, समय के पाबंद थे। उनके डर से मैं भी समय का पाबंद बन गया। मेरे दोस्त कॉलोनी की दीवारों पर चढ़ते थे, लेकिन मैं कभी नहीं चढ़ा। डर था कि अगर पापा ने देख लिया तो गए काम से! हमें ये भी नहीं पता होता था कि सज़ा क्या मिलेगी, लेकिन डर हमेशा बना रहता था।”

धोनी ने बताया कि स्कूल उनके घर के पास ही था। कॉलोनी के ही मैदान में खेलने के दौरान छोटी-छोटी जीत-हार उनकी दुनिया हुआ करती थी। “अगर एक दिन हार गए तो अगले दिन जीतना ज़रूरी हो जाता था,” उन्होंने मुस्कान के साथ कहा।

उनके शब्दों से साफ था कि उस साधारण बचपन ने ही उन्हें असाधारण बना दिया। जो अनुशासन, जो जज़्बा, जो ज़मीन से जुड़ाव उन्होंने तब सीखा, वही आज भी उनकी ताकत है।

#Google News in Hindi #Hindi News Paper affried breakingnews latestnews m.s.dhoni m.s.dhoni papa trendingnews

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.