आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के रहने वाले एक दलित युवक और ड्राइवर वीथि सुब्रह्मण्यम की हत्या के मामले में वाईएसआर कांग्रेस के एमएलसी अनंत बाबू पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि अनंत बाबू खुद ही अपने पूर्व ड्राइवर की हत्या की और शव को खुद ले जाकर “डोर डिलीवरी” की। इस मामले में अब एक नई हलचल देखने को मिल रही है।
मुप्पल्ला सुब्बाराव को विशेष सरकारी वकील के रूप में नियुक्त
राज्य सरकार ने इस केस की पैरवी के लिए राजमहेंद्रवरम के मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील मुप्पल्ला सुब्बाराव को विशेष सरकारी वकील के रूप में नियुक्त किया है।
यह हत्या 19 मई 2022 को हुई थी। बाद में एसपी ने खुलासा किया था किअनंतबाबू ने खुद इस हत्या को स्वीकार किया था। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, लेकिन वो जल्द ही अंतरिम जमानत पर बाहर आ गए और अब दो साल से खुलेआम घूम रहे हैं।
मृतक सुब्रह्मण्यम के गरीब माता-पिता पिछले तीन सालों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
समग्र जांच की जरूरत
केस में सिर्फअनंतबाबू ही नहीं, और भी लोगों की भूमिका हो सकती है।
- हत्या के समय और पहले/बाद में अनंतबाबू ने किससे फोन पर बात की, इसकी जांच नहीं की गई।
- घटनास्थल पर मौजूद लोगों को गूगल लोकेशन, मोबाइल टावर डेटा, सीसीटीवी फुटेज से ट्रैक नहीं किया गया।
- उनके साथ मौजूद गनमेन की भी समुचित पूछताछ नहीं हुई।
- पुलिस ने बिना पर्याप्त सबूतों के 88 दिन बाद जो चार्जशीट दाखिल की थी, उसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया।
बाद में 14 अप्रैल 2023 को एक सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई। लेकिन आरोप हैं कि जानबूझकर चार्जशीट देर से दाखिल की गई ताकिअनंतबाबू को जमानत मिल सके।
अब दलित समुदाय मांग कर रहा है कि इस केस की जांच SIT (विशेष जांच टीम) को सौंपी जाए।
“मैं न्याय दिलाऊंगा” – मुप्पल्ला सुब्बाराव
“इस केस की जांच को भटकाने के लिए कुछ पुलिस अफसरों और पूर्व सरकार ने आरोपी की मदद की। युवक के शरीर पर 31 बाहरी और 3 आंतरिक चोटें थीं – ये सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा नहीं की जा सकतीं। केस में और लोगों की संलिप्तता की दिशा में जांच होनी चाहिए। सरकार ने जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा और यह सुनिश्चित करूंगा कि सभी आरोपियों को कानून के अनुसार सजा मिले।”