हैदराबाद। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता (K. Kavitha) ने घोषणा की है कि जागृति संगठन 2029 के विधानसभा चुनावों में निश्चित रूप से हिस्सा लेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव हों या न हों, संगठन की प्राथमिकता जनता के बीच बने रहना है। सोमवार को ‘जागृति जनम बाटा (Jagriti Janam Bata)’ कार्यक्रम के तहत मीडिया से बातचीत में कविता ने कहा कि सांसद रहते हुए भी उन्होंने ‘मना ऊरु–मना एमपी’ पहल के माध्यम से जनता से सीधा संपर्क बनाए रखा।
राजनीतिक रूप से किया गया पराजित
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर साजिशों के कारण उन्हें राजनीतिक रूप से पराजित किया गया, बावजूद इसके वे जनसेवा में सक्रिय रहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध एमएलसी बनाया गया, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा, और वे किसी भी परिस्थिति में बीआरएस में वापस नहीं जाएंगी। कविता ने गदवाल जिले में साक्षरता दर, विशेषकर महिलाओं की साक्षरता को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जहां देश की साक्षरता दर लगभग 80 प्रतिशत है, वहीं केथेडोड्डी मंडल में महिला साक्षरता मात्र 23 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री से महिलाओं की शिक्षा के लिए विशेष कदम उठाने की मांग
उन्होंने 70 वर्षों से एक ही परिवार के शासन के बावजूद विकास न होने पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री से महिलाओं की शिक्षा के लिए विशेष कदम उठाने की मांग की। साथ ही, अवैध रेत खनन के कारण सड़कों की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। सिंचाई पर बोलते हुए कविता ने कहा कि तूम्मिल्ला, आरडीएस और नेट्टमपाडु जैसी परियोजनाओं का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने विवाद-मुक्त आरडीएस जल का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने और सिंचाई दक्षता बढ़ाने के व्यावहारिक सुझाव भी दिए।
तेलंगाना में कौन सा नृत्य होता है?
लोकप्रिय नृत्यों में बोली नृत्य, पत्तिक नृत्य और गड्डा नृत्य शामिल हैं। ये नृत्य ग्रामीण त्योहारों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और परंपरागत उत्सवों में बड़े ही धूमधाम से प्रस्तुत किए जाते हैं।
तेलंगाना में सबसे अधिक कौन सा धर्म है?
राज्य की अधिकांश आबादी हिंदू धर्म को मानती है। इसके अलावा मुस्लिम, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय भी निवास करते हैं, लेकिन हिंदू बहुलता के कारण धार्मिक पहचान में प्रमुख हैं।
तेलंगाना का निक नेम क्या है?
इतिहास और कृषि संपन्नता के कारण तेलंगाना को अक्सर “राइस बास्केट ऑफ इंडिया” कहा जाता है। साथ ही राजधानी हाइदराबाद के कारण इसे कभी-कभी “हैदराबाद राज्य” के नाम से भी जाना जाता है।
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