जीएचएमसी आयुक्त ने नागरिकों से प्राप्त किए शिकायतें और निवेदन
हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) आयुक्त आर. वी. कर्णन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रजावाणी के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों और आवेदनों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जाए। सोमवार को जीएचएमसी मुख्यालय में आयोजित प्रजावाणी कार्यक्रम के दौरान आयुक्त (Commissioner) आर. वी. कर्णन ने अतिरिक्त आयुक्तों एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर आम नागरिकों से शिकायतें और निवेदन प्राप्त किए।
जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की देरी न हो
उन्होंने सभी शिकायतों की गहन समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश जारी किए। इस अवसर पर आयुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की देरी न हो तथा प्रत्येक आवेदन को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त आयुक्त रघु प्रसाद, वेणु गोपाल, सत्यनारायण, मंगतायारू, मुख्य अभियंता (मेंटेनेंस) सहदेव रत्नाकर, अतिरिक्त सीसीपी जोन रंजीत कुमार, वेंकन्ना, बी. प्रदीप कुमार, संयुक्त आयुक्त (राजस्व) एवं संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) जयंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हैदराबाद में मुस्लिम आबादी कितनी है?
शहर में मुस्लिम आबादी काफ़ी अधिक मानी जाती है। जनगणना के आँकड़ों के अनुसार, शहर की कुल जनसंख्या में लगभग 40 से 43 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी है। कुछ इलाकों, खासकर पुराने शहर में यह प्रतिशत और भी अधिक है। हैदराबाद अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब और धार्मिक-सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है।
हैदराबाद की फेमस क्या है?
अपनी बिरयानी, चारमीनार, गोलकुंडा किला, मोती मस्जिद, और हुसैन सागर झील के लिए मशहूर है। इसके अलावा इत्र, मोती (पर्ल्स), इरानी चाय और ओस्मानिया बिस्किट भी शहर की पहचान हैं। आईटी हब होने के कारण इसे साइबराबाद भी कहा जाता है।
हैदराबाद का पुराना नाम क्या था?
पुराना नाम भाग्यनगर (Bhagyanagar) माना जाता है। कहा जाता है कि यह नाम मुहम्मद कुली क़ुतुब शाह ने अपनी प्रिय भागमती के नाम पर रखा था। बाद में शहर का नाम बदलकर हैदराबाद रखा गया, जो आज तक प्रचलित है।
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