Strike : अनुबंधित शिक्षण कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

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प्राधिकारियों ने कथित तौर पर तंबू लगाने की नहीं दी थी अनुमति

हैदराबाद। 12 विश्वविद्यालयों में अनुबंध शिक्षण स्टाफ सेवाओं को नियमितीकरण के लिए अनुबंध सहायक प्रोफेसरों ने रविवार को छुट्टी होने के बावजूद यहां उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में विरोध प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालयों के अनुबंध शिक्षण स्टाफ की राज्य समन्वय समिति ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया था। नियमितीकरण की मांग को लेकर गहमागहमी का माहौल है।

नियमितीकरण के लिए प्रशासनिक भवन में जमीन पर बैठ गए शिक्षक

विश्वविद्यालय प्राधिकारियों ने कथित तौर पर तंबू लगाने की अनुमति नहीं दी थी, इसलिए शिक्षक विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में जमीन पर बैठ गए और अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि राज्य सरकार नौकरी की सुरक्षा बढ़ाए, साथ ही 3 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ मूल वेतन, डीए और एचआरए प्रदान करे। उन्होंने शिकायत की कि पिछले 15 महीनों से सरकारी अधिकारियों को अपने मुद्दों पर ज्ञापन देने के बावजूद कुछ हासिल नहीं हुआ है।

सरकार के हालिया जीओ एमएस 21 का विरोध

विश्वविद्यालयों को नियमित सहायक प्रोफेसरों की भर्ती करने में सक्षम बनाने वाले सरकार के हालिया जीओ एमएस 21 का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि उनकी लंबित मांगों को हल करने के लिए कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी सेवाएं नियमित नहीं कीं तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। अनुबंध सहायक प्रोफेसर – डॉ. धर्मा तेजा, डॉ. सीमारला विजेंदर रेड्डी, डॉ. परसुराम, डॉ. वेलपुला कुमार, डॉ. उपेंदर और अन्य ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

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