क्या अक्षय तृतीया पर पलटेगी बाजी?
नई दिल्ली: ईरान-इजरायल युद्ध के शुरू होने के बाद से कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक सोना(Gold-Silver) लगभग 10% और चांदी 18% तक टूट चुकी है। मार्च(March) का महीना सोने के लिए साल 2008 के बाद सबसे खराब महीना साबित हुआ, जिसमें अकेले एक महीने में 13% की गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल सोना ₹1.49 लाख और चांदी ₹2.32 लाख के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं, जो जनवरी के अपने ऑल-टाइम हाई(All Time High) से काफी नीचे हैं।
गिरावट के पीछे के मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे तीन बड़े कारक काम कर रहे हैं। पहला, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, जिससे धातुओं पर दबाव बढ़ा है। दूसरा, वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। और तीसरा सबसे महत्वपूर्ण कारण मुनाफावसूली है, ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई बिकवाली ने कीमतों को नीचे धकेल दिया है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण तेल की अस्थिर कीमतों ने भी बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है।
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निवेशकों के लिए सुनहरा मौका और भविष्य की राह
बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट खरीदारों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया का त्योहार है, जिससे मांग में भारी उछाल आने की उम्मीद है। इंडिया बुलियन एंड जूलर्स असोसिएशन (IBJA) के अनुसार, वर्तमान उतार-चढ़ाव अस्थायी है और लंबी अवधि का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। विशेषज्ञों की सलाह है कि चांदी जैसे अस्थिर निवेश में एक साथ पैसा लगाने के बजाय किश्तों में निवेश करना (SIP मोड) अधिक फायदेमंद हो सकता है।
क्या अभी सोने और चांदी में निवेश करना सही समय है?
हाँ, विशेषज्ञों के अनुसार अक्षय तृतीया से पहले कीमतों में आई यह गिरावट खरीदारी का एक अच्छा मौका है। चूंकि बाजार में मुनाफावसूली हो चुकी है, इसलिए निचले स्तरों पर खरीदारी करना लंबी अवधि में लाभदायक हो सकता है।
कीमतों में अचानक तेजी आने की क्या संभावना है?
आगामी त्योहारी सीजन और अक्षय तृतीया(Gold-Silver) पर ज्वेलरी की मांग बढ़ने से कीमतों में ‘बाउंस बैक’ देखने को मिल सकता है। हालांकि, ईरान युद्ध और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव की खबरों पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि ये कारक कीमतों को प्रभावित करते रहेंगे।
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