हैदराबाद। पूर्व मंत्री और बीआरएस विधायक टी. हरीश राव (T. Harish Rao) ने परीक्षाओं के संचालन और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के मामले में राज्य सरकार की अक्षमता, अकार्यकुशलता और ईमानदारी की कमी को लेकर कड़ी आलोचना की है। विशेष रूप से, हरीश राव ने प्रो. जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (Prof. Jayashankar Telangana State Agricultural University) में प्रश्नपत्र लीक की हालिया घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में सरकार की गंभीर विफलता को दर्शाता है। शुक्रवार को जारी एक बयान में बीआरएस विधायक ने इन अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की और भर्ती परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए कड़े उपाय लागू करने का आग्रह किया।
कृषि विश्वविद्यालय में एक और गंभीर मामला
हरीश राव ने कहा कि राज्य अभी पीजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा घोटाले से उबर भी नहीं पाया था कि अब कृषि विश्वविद्यालय में एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां बीएससी एग्रीकल्चर के प्रश्नपत्र व्हाट्सऐप के माध्यम से प्रसारित किए गए, जिससे पूरे तेलंगाना के छात्रों में भारी आक्रोश है। उन्होंने ऐसी खुलेआम हो रही अनियमितताओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पारदर्शिता और सुधार के बार-बार किए गए वादों के बावजूद सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाया। बीआरएस विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के तहत शैक्षणिक संस्थान भ्रष्टाचार के अड्डों में बदल गए हैं और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी यह दर्शा रहे हैं कि शोषण से कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न तो नौकरी अधिसूचनाएं जारी कर पा रही है और न ही शैक्षणिक परीक्षाओं का प्रभावी ढंग से संचालन कर पा रही है।
हैदराबाद में कितने प्रतिशत हिंदू हैं?
विभिन्न जनगणना और सामाजिक आंकड़ों के अनुसार शहर की कुल आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी लगभग 60 से 65 प्रतिशत के बीच मानी जाती है। इसके बाद मुस्लिम समुदाय लगभग 30 से 35 प्रतिशत के आसपास है, जबकि शेष प्रतिशत अन्य धर्मों से संबंधित लोगों का है। यह धार्मिक विविधता हैदराबाद की सामाजिक पहचान को दर्शाती है।
हैदराबाद की फेमस क्या है?
अपनी ऐतिहासिक विरासत, निज़ामी संस्कृति और आधुनिक आईटी हब के रूप में यह शहर देश-विदेश में जाना जाता है। चारमीनार, गोलकोंडा किला, चौमहल्ला पैलेस, बिरयानी, हलीम और मोती बाजार यहां की खास पहचान हैं। फार्मा, स्टार्टअप और आईटी सेक्टर में भी यह शहर काफी प्रसिद्ध है।
हैदराबाद में कौन सी भाषा बोली जाती है?
स्थानीय स्तर पर तेलुगु और उर्दू सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाएं हैं। इसके अलावा हिंदी और अंग्रेजी का भी व्यापक उपयोग होता है, खासकर शिक्षा, कार्यालय और व्यापारिक क्षेत्रों में। यही भाषाई विविधता शहर को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाती है।
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