America में भारतीय CEO ने कुटुम्ब की कत्ल कर की आत्महत्या

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भारतीय टेक सीईओ: वॉशिंगटन के न्यूकैसल सिटी में एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक भारतीय मूल के टेक एंटरप्रेन्योर ने पहले अपनी पत्नी और बेटे की गोली मारकर कत्ल कर दी और फिर खुद को गोली मार ली। देहांत की पहचान हर्षवर्द्धन एस किक्केरी (57), उनकी पत्नी श्वेता पन्याम (44) और उनके 14 साला बेटे के रूप में हुई है।

न्यूकैसल में त्रासदी: परिवार उजड़ गया

यह दर्दनाक वारदात 24 अप्रैल 2025 को घटी। पुलिस के मुताबिक जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तब गृह में तीनों के लाश पाए गए। कपल का दूसरा बेटा उस वक्त गृह पर नहीं था, जिससे उसकी जान बच गई। पुलिस ने बताया कि बच्चे को काउंसलिंग दी जा रही है।

भारतीय टेक सीईओ: कौन थे हर्षवर्द्धन किक्केरी?

हर्षवर्द्धन कर्नाटक के मांड्या जिले के रहने वाले थे और रोबोटिक्स क्षेत्र में विशेषज्ञ थे। उन्होंने अपनी पत्नी श्वेता पन्याम के साथ मिलकर 2017 में “होलोवर्ल्ड” नामक एक स्टार्टअप की आरंभ की थी। यह कंपनी मैसूरु में स्थित थी और सीमाओं की सुरक्षा के लिए रोबोटिक्स समाधान विकसित करती थी।

वे कभी इंडिया लौटे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिले थे, जहां उन्होंने सीमा सुरक्षा में रोबोट के उपयोग का सुझाव दिया था। इसके पहले, हर्षवर्द्धन ने माइक्रोसॉफ्ट अमेरिका में भी काम किया था।

कोविड के बाद गिरावट और तनाव

कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर के व्यवसायों को प्रभावित किया, और HoloWorld भी इससे अछूता नहीं रहा। आर्थिक दबाव के चलते 2022 में संगठन बंद हो गई और इसके बाद कपल को अमेरिका लौटना पड़ा। माना जा रहा है कि लगातार आर्थिक और मानसिक दबाव हर्षवर्द्धन के इस कदम की वजह हो सकता है।

जांच जारी, पुलिस को अब भी तलाश है कारणों की

किंग काउंटी शेरिफ ऑफिस के मुताबिक मामले की छानबीन जारी है। हत्या के पीछे का वास्तविक कारण अब तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्राथमिक छानबीन में मानसिक तनाव की आशंका जताई गई है।

भारतीय टेक सीईओ: पड़ोसियों की प्रतिक्रिया

पड़ोसियों ने मीडिया को बताया कि यह कुटुम्ब बेहद शांत, मिलनसार और सभ्य था। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि इतना भयानक कदम उठाया जा सकता है। कई लोग इस समाचार से सदमे में हैं।

मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मानसिक स्वास्थ्य और उद्यमियों पर दबाव को लेकर जागरूकता कितनी आवश्यक है। विशेष रूप से जब प्रोफेशनल असफलता निजी जीवन पर हावी होने लगे, तो समय पर सहायता लेना आवश्यक हो जाता है।

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