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Australia: ऑस्ट्रेलिया में महा-खजाना

Dhanarekha
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Australia: ऑस्ट्रेलिया में महा-खजाना

जमीन के नीचे मिला दुनिया का सबसे बड़ा लौह अयस्क भंडार

कैनबेरा: ऑस्ट्रेलिया(Australia) के उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित हैमर्सले बेसिन में वैज्ञानिकों ने आधुनिक डेटिंग तकनीकों के जरिए एक विशाल खजाने का पता लगाया है। ‘नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, यहाँ मौजूद लौह अयस्क (Iron Ore) का निर्माण लगभग 1.4 से 1.1 अरब साल पहले हुआ था। यह खोज पिछले अनुमानों को चुनौती देती है, जिनमें इस भंडार को 2 अरब साल से भी अधिक पुराना माना जाता था। नई तकनीकों ने न केवल इसकी उम्र बल्कि इसकी विशालता की भी सटीक जानकारी दी है

विशाल भंडार: $5.7 ट्रिलियन की अकूत संपदा

इस अध्ययन में सामने आया है कि इस डिपॉजिट में लगभग 55 अरब मीट्रिक टन लौह अयस्क समाया हुआ है, जो इसे अब तक के दर्ज सबसे बड़े भंडारों(Large Stores) में से एक बनाता है। यदि वर्तमान बाजार कीमतों के आधार पर इसका मूल्यांकन(Australia) किया जाए, तो इस खजाने की कुल कीमत 5.7 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 475 लाख करोड़ रुपये) से भी अधिक आंकी गई है। हालांकि, कर्टिन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि इसका व्यावसायिक लाभ तो है ही, लेकिन भविष्य की खनन रणनीतियों के लिए इसका वैज्ञानिक महत्व कहीं अधिक है।

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वैश्विक प्रभाव: लौह निर्यात में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत

ऑस्ट्रेलिया(Australia) पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा लौह अयस्क निर्यातक है, जो वैश्विक आपूर्ति का 35% से अधिक हिस्सा अकेले प्रदान करता है। BHP और रियो टिंटो जैसे बड़े माइनिंग ग्रुप्स के सहयोग से हुई इस रिसर्च ने हैमर्सले बेसिन की अहमियत को और बढ़ा दिया है। यह खोज न केवल ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि अन्य देशों में भी इसी तरह के छिपे हुए भंडारों की पहचान करने के लिए एक नया मॉडल (टर्निंग पॉइंट) पेश करेगी।

हैमर्सले बेसिन की इस नई खोज में ‘डेटिंग तकनीक’ का क्या महत्व है?

नई डेटिंग तकनीकों की मदद से वैज्ञानिकों को यह पता चला कि यह भंडार पहले के अनुमान (2.2 अरब साल) के बजाय 1.4 से 1.1 अरब साल पहले बना था। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि पृथ्वी के विकास के किस कालखंड में खनिजों का जमाव हुआ, जो भविष्य में नए खनिज क्षेत्रों की खोज के लिए एक सटीक गाइड के रूप में काम करेगा।

इस शोध को किन प्रमुख संस्थानों और कंपनियों ने मिलकर पूरा किया है?

इस स्टडी को कर्टिन यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में एक सहयोगी समूह ने पूरा किया है। इसमें ऑस्ट्रेलियन(Australia) रिसर्च काउंसिल के साथ-साथ दुनिया की दिग्गज खनन कंपनियाँ जैसे BHP, रियो टिंटो, फोर्टेस्क्यू मेटल्स ग्रुप और MRIWA शामिल हैं। इन कंपनियों की भागीदारी इस खोज की व्यावसायिक और रणनीतिक गंभीरता को दर्शाती है।

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