अल्बर्टा को ‘आजाद’ करने की साजिश और कूटनीतिक टकराव
वाशिंगटन/ओटावा: कनाडा(Canada) का अल्बर्टा प्रांत, जिसे ‘एनर्जी हब’ माना जाता है, देश के कुल कच्चे तेल का 84% उत्पादन करता है। यहाँ के अलगाववादी समूह ‘अल्बर्टा प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट’ (APP) का आरोप है कि संघीय सरकार की जलवायु नीतियां उनके तेल उद्योग को तबाह कर रही हैं। उनका दावा है कि अल्बर्टा सरकार को भारी टैक्स देता है, लेकिन बदले में उसे उचित आर्थिक सहायता नहीं मिलती। इसी असंतोष के कारण अब वहां जनमत संग्रह (रेफरेंडम) की मांग तेज हो गई है, ताकि अल्बर्टा को कनाडा से अलग कर एक स्वतंत्र देश या अमेरिका का 51वां राज्य बनाया जा सके।
अमेरिकी दखल और ट्रम्प फैक्टर: आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप
विवाद तब गहराया जब यह रिपोर्ट सामने आई कि अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी अल्बर्टा के अलगाववादी नेताओं से गुप्त मुलाकातें कर रहे हैं। अलगाववादियों ने अमेरिका से 500 मिलियन डॉलर की मदद भी मांगी है। डोनाल्ड ट्रम्प की सत्ता में वापसी ने इन समूहों को और उत्साहित कर दिया है, क्योंकि ट्रम्प पहले भी मजाक में कनाडा(Canada) को अमेरिका(America) में मिलाने की बात कह चुके हैं। हालांकि, कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कनाडा की संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं होगा और किसी भी बाहरी दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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क्यूबेक का इतिहास और कानूनी अड़चनें
कनाडा में अलगाव का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले क्यूबेक दो बार (1980 और 1995) जनमत संग्रह करा चुका है, जिसमें वह बहुत कम अंतर से कनाडा का हिस्सा बना रहा। कनाडा के सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, कोई भी प्रांत एकतरफा(Canada) तरीके से अलग नहीं हो सकता। 2000 में लागू ‘क्लेरिटी एक्ट’ के तहत अलगाव के लिए स्पष्ट सवाल और भारी बहुमत के साथ-साथ संघीय सरकार की सहमति अनिवार्य है। सर्वे के मुताबिक, अल्बर्टा में केवल 19% लोग ही अलगाव के पक्ष में हैं, जिससे वर्तमान में आजादी की संभावना कम दिखाई देती है।
अल्बर्टा को ‘अमेरिका का 51वां राज्य’ बनाने की चर्चा क्यों हो रही है?
अल्बर्टा की आबादी रूढ़िवादी है, जो वैचारिक रूप से कनाडा के उदारवादी राज्यों के बजाय अमेरिकी रिपब्लिकन सोच के करीब है। साथ ही, अल्बर्टा के पास तेल और प्राकृतिक संसाधनों का विशाल भंडार है। अलगाववादियों का मानना है कि अमेरिका के साथ जुड़ने से उन्हें कम टैक्स और बेहतर व्यापारिक अवसर मिलेंगे।
क्या ‘क्लेरिटी एक्ट’ अल्बर्टा को अलग होने से रोक सकता है?
हाँ, यह कानून किसी भी प्रांत(Canada) के लिए अलग होना बहुत मुश्किल बनाता है। इसके तहत जनमत संग्रह का सवाल पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए और केवल 51% बहुमत काफी नहीं है; इसके लिए ‘स्पष्ट बहुमत’ और संघीय संसद की मंजूरी की जरूरत होती है। इसके बिना कोई भी अलगाव कानूनी रूप से अमान्य होगा।
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