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International: नेपाल मामले में बोला चीन, नहीं लिया ‘दोस्त’ ओली का नाम

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International: नेपाल मामले में बोला चीन, नहीं लिया ‘दोस्त’ ओली का नाम

10 सितंबर 2025, बीजिंग/काठमांडू:
नेपाल में हाल ही में उभरे ‘Gen Z’ आंदोलन पर चीन ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि चीन (Chine) आशा करता है कि नेपाल में जल्द ही “शांति, सामाजिक सुव्यवस्था और राष्ट्रीय स्थिरता” बहाल हो जाएगी। उन्होंने साथ ही चीन के नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है, क्योंकि नेपाल की वर्तमान स्थिति अनिश्चयपूर्ण बनी हुई है

इस प्रतिक्रिया की पृष्ठभूमि में यह तथ्य है कि प्रदर्शन की चिंगारी सोशल मीडिया पाबन्दी से भड़की — जिसे Gen Z यूँ ही नहीं भुला रहा है। युवा वर्ग में भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमले को लेकर काफी असंतोष है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा—

“हम आशा करते हैं कि नेपाल के सभी पक्ष आंतरिक मामलों को सही तरीके से संभालेंगे और जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल करेंगे।”

इसके साथ ही चीन ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह भी दी है।


नेपाल में हालात

  • सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ भड़के प्रदर्शन हिंसक हो गए।
  • 19 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल हैं।
  • संसद और सरकारी इमारतों पर आगजनी हुई, कई जगह कर्फ़्यू लगाया गया।
  • बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफ़ा दे दिया और सरकार ने सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध वापस ले लिया।

क्यों मायने रखता है चीन का बयान?

नेपाल चीन का पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार है। बीजिंग की यह प्रतिक्रिया साफ़ करती है कि वह काठमांडू की स्थिरता को लेकर चिंतित है, क्योंकि अराजकता का असर सीधे सीमा पार चीन पर भी पड़ सकता है।

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