జైశంకర్, రూబియో భేటీ..ట్రేడ్​ డీల్​పై హర్షం ఫెడ్ ఛైర్మన్‌గా కెవిన్ వార్ష్.. గ్లోబల్ మార్కెట్లలో ప్రకంపనలు H-1B వీసా షాక్, లక్ష డాలర్ల ఫీజు ఘోర విమాన ప్రమాదం..15 దుర్మరణం కొత్త H-1B వీసా దరఖాస్తులను నిలిపివేసిన టెక్సాస్ 16 వేల మంది ఉద్యోగులకు లేఆప్స్ USలో మంచు తుఫాన్.. 29 మంది మృతి పెళ్లి వేడుకలో ఆత్మాహుతి దాడి ఇరాన్ వైపు భారీగా యుద్ధ నౌకలు చంద్రుడిపై హోటల్ ‘ఎప్‌స్టీన్’ ప్రకంపనలు ట్రంప్‌కు విజ్ఞప్తి చేసి యువకుడి ఆత్మహత్య జైశంకర్, రూబియో భేటీ..ట్రేడ్​ డీల్​పై హర్షం ఫెడ్ ఛైర్మన్‌గా కెవిన్ వార్ష్.. గ్లోబల్ మార్కెట్లలో ప్రకంపనలు H-1B వీసా షాక్, లక్ష డాలర్ల ఫీజు ఘోర విమాన ప్రమాదం..15 దుర్మరణం కొత్త H-1B వీసా దరఖాస్తులను నిలిపివేసిన టెక్సాస్ 16 వేల మంది ఉద్యోగులకు లేఆప్స్ USలో మంచు తుఫాన్.. 29 మంది మృతి పెళ్లి వేడుకలో ఆత్మాహుతి దాడి ఇరాన్ వైపు భారీగా యుద్ధ నౌకలు చంద్రుడిపై హోటల్ ‘ఎప్‌స్టీన్’ ప్రకంపనలు ట్రంప్‌కు విజ్ఞప్తి చేసి యువకుడి ఆత్మహత్య

Chinmoy : चिन्मय दास को मिली जमानत लेकिन नहीं मिली रिहाई

Author Icon By Surekha Bhosle
Updated: May 5, 2025 • 10:34 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

बांग्लादेश के चटगांव कोर्ट में एक चौंकाने वाला मोड़ देखने को मिला है. देशद्रोह के मामले में ज़मानत मिलने के बावजूद हिन्दू संत चिन्मय कृष्ण दास को चार हत्या मामलों में गिरफ्तार दिखाया गया है. इस पूरे घटनाक्रम ने बांग्लादेश की न्याय प्रक्रिया और हिन्दू धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे व्यवहार पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

चटगांव बार एसोसिएशन के महासचिव अशरफ हुसैन रज्जाक ने बताया कि “चटगांव की एक अदालत ने चिन्मय कृष्ण दास को वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या से जुड़े चार मामलों में गिरफ्तार दिखाया है।”

क्या है पूरा मामला ?

चिन्मय कृष्ण दास जो बांग्लादेश सनातनी जागरण जोट के प्रवक्ता और पूर्व ISKCON नेता रह चुके हैं. उन्हें नवंबर 2024 में ढाका एयरपोर्ट से देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया और देश विरोधी बयान दिए. हालांकि सभी सबूत चिन्मय दास के पक्ष में थे. उनके वकीलों ने हाई कोर्ट में ज़ोरदार बहस की. इसके बाद जज अतोआर रहमान और न्यायमूर्ति अली रेजा की बेंच ने उन्हें जमानत दे दी।

रिहाई से पहले नया आरोप

जमानत मिलने के तुरंत बाद राज्य पक्ष ने चैंबर कोर्ट में स्टे की अर्जी लगाई लेकिन कोर्ट ने स्टे नहीं दिया. केवल अगली सुनवाई की तारीख तय की. इस बीच चटगांव कोर्ट में उन्हें चार हत्या मामलों में गिरफ्तार दिखा दिया गया. इन मामलों का संबंध नवंबर 2024 में हुई एक हिंसक घटना से है. इसमें वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या कर दी गई थी. यह हमला उस वक्त हुआ था जब चिन्मय दास की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा था. हालांकि चिन्मय का उस वक्त कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।

एकतरफा सुनवाई और वकील नदारद
चिन्मय दास के वकील अपूर्व भट्टाचार्य के अनुसार, चटगांव कोर्ट में हुई सुनवाई पूरी तरह से एकतरफा थी. न तो उनके वकील को नोटिस मिला और न ही किसी को पक्ष रखने का मौका. सरकार की तरफ से यह कदम सिर्फ उनकी रिहाई रोकने के लिए उठाया गया है. वकील अपूर्व भट्टाचार्य ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि चिन्मय दास पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा “उनके भाषण, विचार या किसी भी गतिविधि में देशद्रोह जैसा कुछ नहीं है. यह सब राजनीतिक और सांप्रदायिक दबाव में हो रहा है।”

Read more:Delhi : अवैध तरीके से रह रहीं 6 बांग्लादेशी महिलाएं हिरासत में

Breaking News In Hindi Headlines in Hindi Hindi News Hindi News Headlines Hindi News Live Hindi Samachar hindi Vaartha Latest news in Hindi News in Hindi today hindi vaartha news today news ताज़ा ख़बर ब्रेकिंग न्यूज़ हिन्दी समाचार

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.