खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में मिले जयशंकर और अयाज सादिक
ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज नेता खालिदा जिया(Dhaka) को आज शाम 5 बजे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उन्हें संसद परिसर(Parliament Complex) स्थित जिया उद्यान में उनके पति जियाउर रहमान की कब्र के बगल में दफनाया गया। उनके अंतिम सफर में देशभर से लगभग 10 लाख लोग उमड़े, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। जिया के निधन पर बांग्लादेश सरकार ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है, जिसके दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
भारत-पाकिस्तान के बीच जमी बर्फ पिघली?
इस शोकपूर्ण अवसर पर एक बड़ी कूटनीतिक तस्वीर सामने आई। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान(Pakistan) की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक के बीच ढाका में मुलाकात हुई। मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और दोनों देशों के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों(Dhaka) के बड़े नेताओं ने आमने-सामने मुलाकात की और हाथ मिलाया। इस मुलाकात की तस्वीर बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने साझा की है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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मुलाकात के कूटनीतिक मायने
हालांकि यह मुलाकात एक औपचारिक शोक सभा के दौरान हुई, लेकिन जानकारों का मानना(Dhaka) है कि यह बातचीत के बंद दरवाजों को खोलने की दिशा में एक छोटा कदम हो सकता है। दक्षिण एशिया की राजनीति में बांग्लादेश एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है, और वहां खालिदा जिया के निधन के बाद उपजी नई राजनीतिक स्थिति के बीच भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों का मिलना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है। जयशंकर की यह यात्रा बांग्लादेश के नए नेतृत्व के साथ भारत के संबंधों को संतुलित करने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तानी स्पीकर अयाज सादिक की मुलाकात को ‘अहम’ क्यों माना जा रहा है?
यह मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच भारी सैन्य तनाव पैदा हो गया था। तब से दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय कूटनीतिक बातचीत बंद थी। यह पहली बार है जब तनाव के बाद दोनों देशों के बड़े नेता सार्वजनिक रूप से मिले हैं।
खालिदा जिया के निधन पर बांग्लादेश में किस तरह का सम्मान दिया गया?
खालिदा जिया के निधन पर बांग्लादेश सरकार ने तीन दिन(Dhaka) के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। उन्हें उनके पति और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास दफनाया गया और उनके जनाजे में लगभग 10 लाख लोग शामिल हुए।
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