वॉशिंगटन। ईरान में सत्ता परिवर्तन और जारी संघर्ष के बीच नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलें तेज हो गई हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक इंटरव्यू में संकेत दिया कि मोजतबा खामेनेई जीवित तो हो सकते हैं, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं।
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और वे संभवतः कोमा में हो सकते हैं। दावों के मुताबिक हमले में उन्होंने अपना एक पैर खो दिया है और उनके आंतरिक अंगों, खासकर पेट या लीवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। अपुष्ट खबरों के अनुसार (Sina University Hospital) को कड़ी सुरक्षा में एक तरह से किले में तब्दील कर दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए मोजतबा
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब पद संभालने के बाद से अब तक मोजतबा खामेनेई ने सार्वजनिक रूप से एक बार भी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए साक्षात्कार में कहा कि उन्हें लगता है कि ईरानी नेता शायद जीवित हैं, लेकिन वे गंभीर चोटों से जूझ रहे हैं।
ट्रंप की इस टिप्पणी से उन खुफिया रिपोर्टों को बल मिला है जिनमें दावा किया गया था कि 28 फरवरी के हवाई हमले में, जिसमें अली खामेनेई की मौत हुई थी, मोजतबा खामेनेई भी बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
ईरान की ओर से अमेरिका को चेतावनी
इस रहस्यमयी चुप्पी के बीच ईरान के सरकारी टेलीविजन पर मोजतबा खामेनेई के नाम से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। हालांकि इस संदेश को स्वयं सर्वोच्च नेता ने नहीं पढ़ा, बल्कि एंकर ने पढ़कर सुनाया।संदेश में अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद किया जाए, अन्यथा उन पर भीषण हमले किए जाएंगे।
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युद्ध का हर्जाना वसूलने की चेतावनी
मोजतबा के नाम से जारी बयान में यह भी कहा गया कि ईरान इस थोपे गए युद्ध के लिए अपने दुश्मनों से हर्जाना वसूल करेगा। अगर उनकी शर्तें नहीं मानी गईं तो विरोधी पक्षों की संपत्तियों को जब्त करने या उसी मूल्य की संपत्तियों को नष्ट करने से भी ईरान पीछे नहीं हटेगा। फिलहाल, सर्वोच्च नेता का सार्वजनिक रूप से सामने न आना ईरान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सुरक्षा और राजनीतिक सवाल खड़े कर रहा है।
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