H1B visa news : अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे आईटी प्रोफेशनल्स के लिए अच्छी खबर है। हाल ही में ट्रंप सरकार ने H-1B वीजा नियमों को सख्त किया है, इसके बावजूद अमेरिकी टेक कंपनियों में विदेशी टैलेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में स्किल्ड प्रोफेशनल्स की भारी जरूरत बनी हुई है।
H-1B वीजा की फीस बढ़ाकर लगभग 1 लाख डॉलर कर दी गई है, ताकि विदेशी भर्ती को कम कर अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता दी जा सके। लेकिन इसके बावजूद टेक कंपनियां पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और वे लगातार H-1B वीजा होल्डर्स को हायर कर रही हैं।
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नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (NFAP) की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में दायर की गई नई H-1B लेबर कंडीशन एप्लिकेशन्स में से 80 प्रतिशत से अधिक भर्तियां AI से जुड़ी हुई हैं। अमेज़न, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और एप्पल जैसी कंपनियां (H1B visa news) सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, डेटा साइंटिस्ट्स और रिसर्च प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दे रही हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2025 में इन कंपनियों ने AI सेक्टर में करीब 380 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। आने वाले समय में यह निवेश और बढ़ने की संभावना है। इसी वजह से भारी वीजा फीस के बावजूद अमेरिकी कंपनियां विदेशी प्रतिभाओं को H-1B वीजा के जरिए नियुक्त करने के लिए तैयार हैं।
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