జైశంకర్, రూబియో భేటీ..ట్రేడ్​ డీల్​పై హర్షం ఫెడ్ ఛైర్మన్‌గా కెవిన్ వార్ష్.. గ్లోబల్ మార్కెట్లలో ప్రకంపనలు H-1B వీసా షాక్, లక్ష డాలర్ల ఫీజు ఘోర విమాన ప్రమాదం..15 దుర్మరణం కొత్త H-1B వీసా దరఖాస్తులను నిలిపివేసిన టెక్సాస్ 16 వేల మంది ఉద్యోగులకు లేఆప్స్ USలో మంచు తుఫాన్.. 29 మంది మృతి పెళ్లి వేడుకలో ఆత్మాహుతి దాడి ఇరాన్ వైపు భారీగా యుద్ధ నౌకలు చంద్రుడిపై హోటల్ ‘ఎప్‌స్టీన్’ ప్రకంపనలు ట్రంప్‌కు విజ్ఞప్తి చేసి యువకుడి ఆత్మహత్య జైశంకర్, రూబియో భేటీ..ట్రేడ్​ డీల్​పై హర్షం ఫెడ్ ఛైర్మన్‌గా కెవిన్ వార్ష్.. గ్లోబల్ మార్కెట్లలో ప్రకంపనలు H-1B వీసా షాక్, లక్ష డాలర్ల ఫీజు ఘోర విమాన ప్రమాదం..15 దుర్మరణం కొత్త H-1B వీసా దరఖాస్తులను నిలిపివేసిన టెక్సాస్ 16 వేల మంది ఉద్యోగులకు లేఆప్స్ USలో మంచు తుఫాన్.. 29 మంది మృతి పెళ్లి వేడుకలో ఆత్మాహుతి దాడి ఇరాన్ వైపు భారీగా యుద్ధ నౌకలు చంద్రుడిపై హోటల్ ‘ఎప్‌స్టీన్’ ప్రకంపనలు ట్రంప్‌కు విజ్ఞప్తి చేసి యువకుడి ఆత్మహత్య

Hormuz Crisis: होर्मुज संकट पर कूटनीतिक हलचल

Author Icon By Dhanarekha
Updated: April 20, 2026 • 5:10 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप से की फोन पर बात

वाशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब सीधे तौर पर पाकिस्तान(Pakistan) की चिंता का कारण बन गया है। हाल ही में ईरान ने अमेरिकी नाकाबंदी(American Blockade) के विरोध में इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है। इस गंभीर स्थिति के बीच, पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर वार्ता की। सूत्रों के अनुसार, मुनीर ने ट्रंप को आगाह किया कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में एक बड़ी बाधा बनी हुई है। जवाब में, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है

ईरानी पोत पर अमेरिकी कार्रवाई से बिगड़े हालात

क्षेत्रीय तनाव तब और चरम पर पहुँच गया जब रविवार को अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक ईरानी ध्वज वाले मालवाहक पोत पर हमला कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। ईरान ने इस कदम को ‘समुद्री डकैती’ और युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका की ऐसी कार्रवाइयाँ यह दर्शाती हैं कि वह शांति वार्ता को लेकर गंभीर नहीं है। ईरान का यह भी कहना है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम और ‘रक्षात्मक क्षमताएं’ किसी भी चर्चा का विषय नहीं हैं और वे किसी भी बाहरी दबाव या अल्टीमेटम को स्वीकार नहीं करेंगे।

अन्य पढ़े: ईरान-इजराइल संघर्ष का एशियाई अर्थव्यवस्था पर ‘सुनामी’ जैसा असर

शांति वार्ता की संभावनाओं पर छाया संकट

ईरान ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वह अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकता और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। लेबनान में इजरायली हमलों और होर्मुज में पोत जब्ती की घटना ने ईरान के रुख को और कठोर कर दिया है। जहाँ एक ओर पाकिस्तान कूटनीतिक माध्यमों से शांति वार्ता को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने स्पष्ट किया है कि वे वर्तमान परिस्थितियों में बातचीत के किसी भी दौर में शामिल होने का इरादा नहीं रखते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप का नाकाबंदी पर ‘विचार’ करने का बयान भविष्य में वार्ता की राह खोल सकता है, लेकिन फिलहाल स्थिति अत्यधिक संवेदनशील बनी हुई है।

फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने राष्ट्रपति ट्रंप से क्या अपील की?

पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने ट्रंप से ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकाबंदी को हटाने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क दिया कि यह नाकाबंदी अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की राह में सबसे बड़ी रुकावट है।

ईरान ने वार्ता से इनकार क्यों किया है?

ईरान का मानना है कि अमेरिका शांति वार्ता को लेकर गंभीर नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी पोत को जब्त करना और अमेरिकी प्रशासन की अवास्तविक शर्तें ईरान के लिए अस्वीकार्य हैं, इसलिए उन्होंने वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

अन्य पढ़े:

#AsimMunir #Breaking News in Hindi #DonaldTrump #Geopolitics #Google News in Hindi #Hindi News Paper #HormuzCrisis #IranUSConflict #PakistanDiplomacy

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.