प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच ऐतिहासिक मुलाकात
नई दिल्ली: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा अपनी पांच दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत(India-Brazil) पहुंचे हैं, जहाँ शनिवार को राष्ट्रपति भवन में उनका भव्य स्वागत(Grand Welcome) किया गया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को $15 अरब से बढ़ाकर $40 अरब तक ले जाना और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाना है।
क्रिटिकल मिनरल्स और चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच होने वाली बैठक का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे लिथियम, कोबाल्ट) और रेयर अर्थ एलिमेंट्स(India-Brazil) पर समझौता है। यह डील ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन के दबदबे को चुनौती देने के लिए तैयार की गई है। इसके जरिए भारत की प्रोसेसिंग क्षमता और ब्राजील के प्राकृतिक संसाधनों को जोड़कर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने का लक्ष्य है।
रक्षा, अंतरिक्ष और एयरोस्पेस में नई साझेदारी
ब्राजील की दिग्गज एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर(India-Brazil) भारत में अपना प्लांट खोलने की तैयारी में है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देगा। इसके अलावा, राष्ट्रपति लूला के साथ 260 ब्राजीलियाई व्यवसायियों का प्रतिनिधिमंडल आया है, जो रक्षा, अंतरिक्ष, फार्मा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम शुरू करने पर चर्चा कर रहे हैं।
अन्य पढ़े: बांग्लादेश में राजनीतिक घमासान
ग्लोबल साउथ की मजबूती और आर्थिक लक्ष्य
दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और ब्राजील ‘ग्लोबल साउथ’ के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और उनका साथ आना विकासशील देशों की आवाज को विश्व मंच पर मजबूत करेगा। राष्ट्रपति लूला ने स्पष्ट किया कि वर्तमान व्यापारिक आंकड़े उनकी क्षमता से काफी कम हैं, और वे व्यापारिक बाधाओं को दूर कर अंतरिक्ष से लेकर कृषि तक हर क्षेत्र में भारत के साथ गहरी साझेदारी चाहते हैं।
भारत और ब्राजील के बीच क्रिटिकल मिनरल्स समझौता क्यों महत्वपूर्ण है?
यह समझौता लिथियम(India-Brazil) और कोबाल्ट जैसे दुर्लभ खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करेगा, जो भविष्य की तकनीक जैसे EV बैटरी और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए जरूरी हैं। साथ ही, यह इन खनिजों के लिए चीन पर निर्भरता को कम करने में मदद करेगा।
राष्ट्रपति लूला के साथ कितने व्यवसायी भारत आए हैं और उनका मुख्य फोकस क्या है?
राष्ट्रपति लूला के साथ 260 ब्राजीलियाई व्यवसायियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल आया है। उनका मुख्य फोकस रक्षा, अंतरिक्ष, फार्मास्यूटिकल्स और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी करना है।
अन्य पढ़े: