चीन ने की भारतीय ‘उदय’ की सराहना
नई दिल्ली: साल 2025 के समापन पर भारत(India) ने एक ऐतिहासिक आर्थिक उपलब्धि हासिल की है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत की जीडीपी (GDP) 4.18 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है, जिससे वह जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। चीन ने इस मौके पर दुर्लभ उदारता दिखाते हुए भारत की जमकर तारीफ की। चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने इसे ‘सच्ची ताकत’ बताया और कहा कि भारत का उदय इतिहास से सीखने और भविष्य की जिम्मेदारी लेने का परिणाम है।
मजबूत आर्थिक विकास और सुधार
भारत की यह वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे ठोस आर्थिक सुधार हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी विकास दर 8.2 प्रतिशत रही, जो वैश्विक स्तर पर सबसे तेज है। साथ ही, खुदरा मुद्रास्फीति (Inflation) भी आरबीआई की निचली सीमा (2% से नीचे) पर आ गई है। सरकार(India) अब जीडीपी गणना के लिए आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 करने की तैयारी कर रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अधिक सटीक आंकड़े प्राप्त किए जा सकें।
चीन-जापान तनाव और कूटनीतिक मायने
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन द्वारा भारत की इस तारीफ के पीछे गहरे कूटनीतिक कारण भी हो सकते हैं। वर्तमान में चीन और जापान के बीच ताइवान मुद्दे और दक्षिण चीन सागर को लेकर भारी तनाव चल रहा है। जापान की आर्थिक रैंकिंग गिरने पर चीन की खुशी उसकी क्षेत्रीय राजनीति का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, भारत(India) का लक्ष्य अब और बड़ा है-अनुमान है कि 2030 तक भारत जर्मनी को भी पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बन जाएगा।
भारत की जीडीपी वर्तमान में कितनी है और वह किस स्थान पर पहुंच गया है?
भारत(India) की जीडीपी वर्तमान में 4.18 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच गई है। इस उपलब्धि के साथ भारत जापान को पीछे छोड़ते हुए अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
भारत सरकार जीडीपी की गणना पद्धति में क्या बदलाव कर रही है?
भारत सरकार राष्ट्रीय खातों के लिए आधार वर्ष (Base Year) को 2011-12 से बदलकर 2022-23 करने पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करना और गणना को अधिक आधुनिक और सटीक बनाना है।
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