इजराइल-पाकिस्तान के बीच बयानबाजी
Israel pakistan conflict : अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम के बावजूद लेबनान पर इजराइल के हमलों को लेकर पाकिस्तान और इजराइल के बीच विवाद बढ़ गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजराइल की आलोचना करते हुए तीखी टिप्पणियां कीं, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई।
विवाद की शुरुआत
इजराइल और पाकिस्तान के बीच विवाद नया नहीं है। 1947 में पाकिस्तान बना और 1948 में इजराइल की स्थापना हुई। लेकिन पाकिस्तान ने कई अरब देशों की तरह इजराइल को कभी आधिकारिक मान्यता नहीं दी।
अरब देशों का समर्थन
1967 और 1973 के अरब-इजराइल युद्धों के दौरान पाकिस्तान ने अरब देशों का समर्थन किया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तानी पायलटों ने भी अरब देशों की ओर से युद्ध में हिस्सा लिया था।
परमाणु केंद्र पर हमले की योजना
1980 के दशक में इजराइल को आशंका थी कि पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से उसे खतरा हो सकता है। इसी वजह से पाकिस्तान के काहूटा परमाणु केंद्र पर हमला करने की योजना बनाई गई थी, हालांकि यह योजना कभी लागू नहीं हुई।
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कारगिल युद्ध और तनाव
1999 के कारगिल युद्ध के दौरान इजराइल ने भारत की मदद की। इससे (Israel pakistan conflict) पाकिस्तान और इजराइल के बीच तनाव और बढ़ गया।
पासपोर्ट नीति
पाकिस्तान के पासपोर्ट पर लिखा होता है कि यह “इजराइल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों के लिए मान्य है।” इससे स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच आज भी कोई आधिकारिक संबंध नहीं हैं।
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