73 महिला सांसदों के लिए केवल एक टॉयलेट
टोक्यो: जापान(Japan) की संसद, जिसे ‘डाइट’ कहा जाता है, उसकी मुख्य इमारत का निर्माण 1936 में हुआ था। उस समय जापान में महिलाओं को वोट देने का अधिकार भी नहीं था, इसलिए इमारत का डिज़ाइन पुरुषों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया था। आज स्थिति यह है कि निचले सदन के मुख्य हॉल के पास 73 महिला सांसदों के लिए केवल एक टॉयलेट उपलब्ध है। विपक्षी सांसद यासुको कोमियामा के अनुसार, सत्र के दौरान महिलाओं(Women) को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है या टॉयलेट के लिए बिल्डिंग के दूसरे हिस्सों में भागना पड़ता है, जबकि पुरुष सांसदों के लिए पास ही कई विकल्प मौजूद हैं।
पीएम ताकाइची और सांसदों की बड़ी मांग
जापान(Japan) की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए संसद में महिलाओं के लिए अधिक शौचालयों के निर्माण की मांग की है। उनके नेतृत्व में लगभग 60 महिला सांसदों ने एक औपचारिक याचिका दायर की है। आंकड़ों के अनुसार, पूरे निचले सदन में पुरुषों के लिए 67 स्टॉल उपलब्ध हैं, जबकि महिलाओं के लिए केवल 22 क्यूबिकल हैं। महिला सांसदों की बढ़ती संख्या के बावजूद बुनियादी ढांचे में बदलाव न होना प्रशासनिक अनदेखी को दर्शाता है, जिसे सुधारने के लिए अब सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
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जापान में राजनीतिक लैंगिक असमानता
यह मुद्दा केवल टॉयलेट तक सीमित नहीं है, बल्कि जापान(Japan) की राजनीति में गहरी जड़ों वाली लैंगिक असमानता को भी दर्शाता है। ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट में जापान 148 देशों में 118वें स्थान पर है। संसद में महिलाओं की भागीदारी अभी भी बहुत कम है (निचले सदन में लगभग 15%)। महिला उम्मीदवारों को अक्सर राजनीति छोड़कर घर संभालने जैसी टिप्पणियों(Comments) का सामना करना पड़ता है। सरकार ने भविष्य में संसद की 30% सीटों पर महिलाओं को बिठाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन सांसदों का मानना है कि इसके लिए पहले संसद के भीतर का माहौल और बुनियादी सुविधाएं समावेशी बनानी होंगी।
जापानी संसद में महिला सांसदों के लिए टॉयलेट की कमी का ऐतिहासिक कारण क्या है?
जापान(Japan) की संसद की इमारत 1936 में बनी थी, जब महिलाओं को वोट देने या राजनीति में आने का अधिकार नहीं था। इसी कारण भवन की योजना केवल पुरुष सांसदों की सुविधाओं को केंद्र में रखकर बनाई गई थी, जो आज के समय में अपर्याप्त साबित हो रही है।
जापान सरकार ने भविष्य के लिए संसद में महिलाओं की भागीदारी का क्या लक्ष्य रखा है?
जापान सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में संसद की कम से कम 30% सीटों पर महिलाएं चुनी जाएं। वर्तमान में निचले सदन के 465 सदस्यों में से केवल 73 महिलाएं हैं।
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